आजमगढ़। शिक्षकों की लंबित समस्याओं और शिक्षा विभाग में कथित अनियमितताओं को लेकर सोमवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में दो शिक्षक संगठन आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के शिक्षक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे।
मामला बढ़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। विवाद के दौरान एक पक्ष ने दूसरे पर कटाक्ष करते हुए ‘राम-रहीम’, जबकि दूसरे पक्ष ने ‘आसाराम’ की उपमा दी। हालांकि, बाद में डीआईओएस के आश्वासन पर दोनों संगठनों ने अपने-अपने धरने स्थगित कर दिए।
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट का 35 सूत्रीय मांगों को लेकर चौथे दिन भी धरना जारी रहा। कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जामवंत निषाद की अध्यक्षता और जिलामंत्री पंकज कुमार सिंह के संचालन में हुए धरने के दौरान शाम करीब पांच बजे डीआईओएस ने पहुंचकर शिक्षकों से वार्ता की।
उन्होंने समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिन का समय मांगा। संगठन ने शिक्षकों की सहमति के बाद धरना 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया।
वहीं, उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट, चेतनरायन गुट, प्रधानाचार्य परिषद और शिक्षणेत्तर संघ की ओर से भी डीआईओएस कार्यालय पर धरना दिया गया। प्रदेश मंत्री शैलेश राय और उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कथित शिक्षा माफिया की संपत्ति, गतिविधियों और शैक्षिक अभिलेखों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कई विद्यालयों में धन वसूली के आरोप भी लगाए।
धरने के दौरान दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। सूचना पर पुलिस पहुंची और स्थिति को शांत कराया। बाद में डीआईओएस ने संबंधित व्यक्ति के अंकपत्रों की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दूसरा धरना भी स्थगित कर दिया गया। धरने में शैलेश राय, नरेंद्र सिंह, डॉ. देवेंद्र नाथ पांडेय, साकेत चतुर्वेदी, भूपेश कुमार सिंह, हिमांशु राय, सर्वेश मिश्रा आदि रहे। संवाद