युवक की हत्या के दोषी को उम्रकैद, दो को दो-दो वर्ष की सजा
आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर गांव में आम की दुकान लगाने के विवाद में हुई हत्या के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि दो अन्य आरोपियों को गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी का दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-1 आजमगढ़ के न्यायाधीश अमर सिंह ने शनिवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला 15 जून 2020 का है। वादी मुकदमा दाऊद अहमद का चचेरा भाई आबिद सड़क किनारे आम की दुकान लगाता था। दुकान लगाने को लेकर गांव के तुफेल और उसके पुत्र अनस व असहद से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर असहद व तुफेल के उकसाने पर अनस ने आबिद को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अनस को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 66 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, तुफेल व असहद को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले दोषी को 8 वर्ष की सजा
आजमगढ़। निजामाबाद थाना में पंजीकृत नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट के जज संतोष कुमार यादव ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 8 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
22 जून 2015 को वादी ने थाना निजामाबाद में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि निजामाबाद थाना क्षेत्र के चुनहटा गांव निवासी बलबीर उर्फ गब्बू यादव उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इस मामले में थाना निजामाबाद पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर शनिवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट आजमगढ़ ने आरोपी को दोषी पाते हुए 8 वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।