आजमगढ़ के राजकीय मेडिकल कालेज में मिले कोरोना के दो संदिग्ध मरीजों की गंभीर हालत को देख उन्हें मोडिकल कालेज लखनऊ के लिए रेफर किया गया था। इसमें एक की मौत हो गई है और दूसरे को लखनऊ में भर्ती कराया गया है। दोनों ही मरीज काफी क्रिटिकल कंडीशन में थे और उन्हें वेंटीलेटर की आवश्यकता थी।
अभी दोनों की रिपोर्ट नहीं हैं, लेकिन मेडिकल कालेज के डॉक्टरों की माने तो दोनों के अंदर कोरोना के गंभीर लक्षण थे। डीएम एनपी सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने तक मृतक का दाह संस्कार नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार दाह संस्कार किया जाएगा।
राजकीय मेडिकल कालेज पर जांच के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में प्रवासी श्रमिक पहुंच रहे है। बृहस्पतिवार को यहां दो प्रवासी श्रमिक संदिग्ध मिले था। दोनों जहानागंज क्षेत्र के ही बताए जा रहे हैं। एक जहानागंज के नेतपुर तो दूसरा सुम्भी गांव का निवासी है। गुरुवार को दोनों जांच के लिए लाइन लगाकर खड़े थे और वहीं गिर पड़े थे। दोनों मुंबई से आए हैं।
उन्हें मेडिकल कालेज प्रशासन ने क्वारंटीन कर सैंपल जांच के लिए भेज दिया था। उन्हें आक्सीजन पर रखा गया था, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। उन्हें वेंटीलेटर की आवश्यकता थी। मेडिकल कालेज अभी तक पूरी तरीके से एल-3 अस्पताल में परिवर्तित नहीं हो पाया है। मेडिकल कालेज के कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक पांडेय ने बताया कि दोनों ही मरीजों के एल-3 श्रेणी के होने के कारण उन्हें शासन की गाइड लाइन के अनुसार लखनऊ रेफर किया गया था।