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यूपी: स्किम्ड दूध पिलाने के बाद दो बच्चों की मौत का आरोप, जन्म के दो महीने बाद जुड़वा बच्चों की गई जान

Sat, 20 Feb 2021 03:35 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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मौके पर परिजन और ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव निवासी एक व्यक्ति के जुड़वा नवजात बच्चों की शुक्रवार की भोर में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र से मिले पैकेट वाले स्किम्ड दूध को पिलाने के बाद ऐसा हुआ है।

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वहीं, नवजात के मौत की सूचना पर जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फूड प्वाइजनिंग और दम घुटने से मौत की आशंका जताई है। इसके बाद भी परिजनों ने शव को पीएम में नहीं भेजा और दफन कर दिया।

काशीपुर गांव निवासी मधुबाल पत्नी दिवाकर राम ने दो माह पूर्व एक प्राइवेट अस्पताल में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। जन्म के बाद से ही दोनों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ्य थे। मधुबाल के अनुसार शुक्रवार की रात उसने आंगनबाड़ी से मिले पैकेट के दूध को अपने दोनों नवजात बच्चों को पिलाया और फिर सो गई।

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भोर में चार बजे के लगभग मधुबाला की आंख खुली तो दोनों बच्चे मृत हाल में पड़े थे। यह देख कर उसके होशा उड़ गए। मधुबाला की चीख पुकार पर परिजनों के साथ ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना पर गांव की निवर्तमान प्रधान कमला देवी, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्री भी मौके पर पहुंच गई।

इसके बाद गांव के तीस परिवारों में बांटे गए पैकेट के दूध का प्रयोग करने से लोगों को मना कर दिया गया। बच्चों की मौत के बाद परिजन व ग्रामीण दोनों के शव लेकर कबिस्तान पर पहुंच गए और जांच की मांग करने लगे।

इस बीच सूचना पर पीएचसी सठियांव के प्रभारी डॉ. बृजेश के नेतृत्व में डॉ. प्रशांत कुमार राय व अलीम अख्तर की टीम मौके पर पहुंच गई और दोनों बच्चों की जांच पड़ताल किया। बच्चों के शवों का मुआयना करने के बाद डॉ. बृजेश ने फूड प्वाइजनिंग अथवा दम घुटने से बच्चों की मौत होने की आशंका जताई और कहा कि पीएम के बाद ही मौत का मूल कारण ज्ञात हो सकता है। इसके बाद परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए और पीएम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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पीएचसी (सठियांव) के प्रभारी अधीक्षक डॉ. बृजेश ने बताया कि दम घुटने अथवा फूड प्वाइजनिंग से जुड़वा बच्चों की मौत हुई है, फिर भी पीएम के बाद ही कुछ स्पष्ट रुप से कहा जा सकता है। परिजन शव का पीएम कराए इसके बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।

आजमगढ़ के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके राय ने बताया कि आंगनबाड़ी के पैकेट के दूध पिलाने के बाद बच्चों की मौत हुई है तो यह जांच का विषय है, लेकिन आंगनबाड़ी के माध्यम से जो पैकेट का दूध वितरित होता है उस पर लिखा होता है कि छह माह से कम के बच्चों को इसे न पिलाए। जिन बच्चों की मौत हुई है वह दो माह के है तो उन्हें यह दूध नहीं पिलाया जाना चाहिए था। दूध का सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
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