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बॉडी वार्न कैमरे से लैस नजर आएंगे यातायात निरीक्षक, हर गतिविधि होगी रिकॉर्ड

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आजमगढ़। अब रोडवेज बसों में चेकिंग के दौरान परिचालक अब यातायात निरीक्षक पर अवैध तरीके से बिना टिकट मार्क लगाने और रिश्वत मांगने के आरोप नहीं लगा सकेंगे। साथ ही टीआई भी बेवजह जांच के नाम पर रोडवेजकर्मियों से अवैध वसूली नहीं कर सकेंगे। जल्द ही रोडवेज के यातायात निरीक्षक बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस नजर आएंगे। बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक धीरज साहू ने यह निर्देश जारी किया।
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प्रवर्तन कार्य को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रवर्तन दल द्वारा बॉडी वॉर्न कैमरा का प्रयोग करते हुए, प्रवर्तन कार्य को संपादित किया जाएगा। प्रत्येक बस के निरीक्षण के समय कैमरे को आन रखते हुए कार्रवाई की रिकार्डिंग की जाएगी। निरीक्षण कार्य समाप्ति के उपरांत निरीक्षित समस्त बसों की रिकार्डिंग क्षेत्रीय प्रबंधक व सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में प्रवर्तन पटल सहायक के कंप्यूटर पर सुरक्षित रखी जाएगी। रोजाना निरीक्षण कार्य से संबंधित डीसीआर भी अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखे जाएंगे। एक दिसंबर 2020 से बिना बॉडी वॉर्न कैमरा के प्रवर्तन दलों द्वारा की गई मार्ग चेकिंग मान्य नहीं होगी। इसके साथ ही उस दिन का डीसीआर आधारित यात्रा देयकों का भुगतान भी नहीं किया जाएगा। मुख्यालय के द्वारा उक्त कार्यों का रैंडम आधार पर की गई रिकार्डिंग चेकिंग भी की जाएगी। आरएम अतुल त्रिपाठी ने बताया कि बस में चेकिंग के दौरान बिना टिकट यात्रा प्रकरण को लेकर परिचालक व निरीक्षक के बीच झगड़ा होने की घटना होती रहती है। इसे गंभीरता से लेते हुए जल्द ही चेकिंग कर्मियों के बॉडी पर कैमरा लगाए जाएंगे। इस कैमरे में रिकार्ड हुए घटनाक्रम को साक्ष्य के रूप में रखा जाएगा। जिससे कि सच्चाई का पता चल सके।
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रिकार्डिंग की बनाई जाएगी सीडी
इसके साथ ही बिना टिकट यात्रियों के गंभीर प्रकृति के प्रकरणों एवं ड्यूटीरत चालक व परिचालक द्वारा निरीक्षणकर्ताओं से किए गए अभद्र व्यवहार की रिकार्डिंग की सीडी बनाकर कर्मचारी के अनुशासनिक प्रकरण पत्रावली में रखी जाएगी, ताकि सुनवाई के समय सक्षम स्तर यथा नियुक्ति अधिकारी, अपीलीय अधिकारी व रिजीवन अधिकारी तथा न्यायालय आदि के समक्ष संबंधित रिकार्डिंग एवं डीसीआर साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। प्रवर्तन कार्यों से संबंधित उपरोक्त अतिसंवेदनशील रिकार्ड सीडी को सुरक्षित रखने का दायित्व संबंधित नियुक्त अधिकारी का होगा।
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क्या है बॉडी वॉर्न कैमरा
बॉडी वॉर्न कैमरा रोडवेज कर्मचारी अपने कंधे या सीने के पास लगाकर रखते हैं। इसमें खुद की आवाज के साथ सामने घटित होने वाले घटनाक्रम की वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग होती है। बड़ी बात यह है कि इस कैमरे का डाटा डिलीट नहीं किया जाए तो लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। अफसरों के अनुसार कमरे को कंधे पर इस तरह से लगाया गया कि उन्हें किसी तरह का अतिरिक्त बोझ महसूस नहीं हो। कैमरे का वजन भी इतना हल्का है कि इसे ड्यूटी के दौरान पूरे समय लगाया जा सकता है।
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