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बजट न मिलने से पर्यटन, उद्योग व खेलकूद को नहीं लगे पंख

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वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है लेकिन जिला योजना के तहत 38 विभागों को बजट नहीं मिल पाया। इसकी वजह से पर्यटन, प्राविधिक शिक्षा और खेलकूद आदि अन्य विभागों से जुड़े विकास कार्यों को पंख नहीं लग पाए। जिला योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों के लिए 82066.04 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन मात्र 23.08 प्रतिशत धनराशि ही आवंटित की गई है। ऐसे में विभिन्न क्षेत्रों में करीब 77 प्रतिशत से अधिक काम अधूरे हैं।
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जिला योजना समिति में मंजूर होने के बाद भी बजट न मिलने से विकास की रफ्तार थम गई गई। धन के अभाव में पेयजल, सड़क, लघु सिंचाई सहित अन्य विभागों की योजनाओं को अपेक्षित गति नहीं मिल सकी। कहने को तो 82066.04 लाख की जिला विकास योजना तैयार की गई थी। इस योजना के तहत विकास के लिए सभी विभागों ने बजट के लिए बनाकर प्रस्ताव दिया था। हाल यह है कि इस वृहद योजना में विभागों को 30 प्रतिशत भी बजट जारी नहीं हुआ। जिला योजना में जिन विभागों को बजट नहीं मिला उनमें कृषि विभाग, लघु एवं सीमांत कृषकों-सहायता, पशुपालन, सहकारिता विभाग, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम, भूमि विकास एवं जल संसाधन, भूमि सुधार, पंचायती राज, सामुदायिक विकास कार्यक्रम, निजी लघु सिंचाई, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशमी उद्योग, सड़क एवं पुल, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यटन, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्रावैधिक शिक्षा, प्रादेशिक विकास दल, खेलकूद, एलोपैथिक, परिवार कल्याण, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, यूनानी, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम, पूल्ड आवास, नगरीय पेयजल संपूर्ति, अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ी जाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, समाज कल्याण, जनजाति कल्याण, सेवायोजन विभाग शिल्पकार प्रशिक्षण समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार शामिल है।
पर्यटन स्थलों का नहीं हुआ सुंदरीकरण
जनपद में कई पर्यटक स्थल हैं लेकिन बजट के अभाव में इनका सुंदरीकरण नहीं हो सका। इन स्थलों का सुंदरीकरण व विस्तारीकरण न होने से ये देश दुनिया के नक्शे में अपनी पहचान नहीं बना सके हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहले से भी जनपदवासी मांग करते रहे हैं लेकिन अभी तक ऐसी कोई पहल नहीं हो सकी। यही वजह है कि पौराणिक और ऐतिहासिक रूप में महत्वपूर्ण स्थानों का विकास नहीं हो सका। जिला योजना में पर्यटन के क्षेत्र में विकास कार्य के लिए 270.00 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन एक रुपये भी धनराशि जारी नहीं हुई।
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वर्ष 2021-22 के बजट में विभागों को मिले बजट व खर्च का हाल
विभाग प्रस्तवित बजट - मिला - खर्च
गन्ना विभाग - 145.23 - 144.27 - 43.57
वन विभाग - 1199.17 - 364.92 - 263.44
मनरेगा - 28850.48 - 14975.88 - 14975.88
राजकीय लघु सिंचाई - 70.43 - 20.77 - 20.77
प्रधानमंत्री आवास योजना - 8215.20 - 3392.20 - 3392.20
कुल योग - 82066.04 - 18944.32 - 18695.86
नोट - (धनराशि लाख में)
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जिला योजना वर्ष 2021-22 में जिले के विकास के लिए 48 विभागों और सेक्टर की ओर से 82066.04 का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसमें से मात्र पांच विभागों को ही कुल 18944.32 लाख रुपये बजट मिल सका। वह भी आधा-अधूरा। बजट न मिलने से कार्य प्रभावित हुए हैं।-आरडी राम, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, आजमगढ़।
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