आजमगढ़। जिले के पांच ब्लॉकों में किसान टमाटर की खेती प्रमुखता से करते हैं। टमाटर की लोकल मंडियों में आपूर्ति कर लाखों कमा रहे हैं। अपने खेतों में दर्जनों लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार 400 से अधिक किसान टमाटर की खेती से जुड़े हुए हैं। एक हेक्टेयर टमाटर की खेती में लगभग ढाई लाख रुपये लगाकर किसान लगभग 12 लाख की कमाई कर रहे हैं।
जिले के महाराजगंज, अजमतगढ़, सठियांव, जहानागंज व पल्हनी ब्लॉक में किसान टमाटर की खेती अधिक करते हैं। हर वर्ष 100 से 120 हेक्टेयर टमाटर की खेती की जाती है। अधिकांश किसान बांस- तार पर लता वाले प्रजाति के टमाटर की खेती करते हैं ताकि फल जमीन से ऊपर रहे और पकने तक सड़े नहीं। यहां का टमाटर बाहर के बड़े शहरों में नहीं जाता है। जिले की बेलइसा बड़ी मंडी के साथ ही लोकल बाजारों की मंडियों में आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा मऊ के दोहरीघाट व गोरखपुर के बड़हलगंज मंडी में भेजा जाता है। तार बांस के सहारे टमाटर की अच्छी खेती होती है। वहीं, उद्यान विभाग की तरफ से किसानों को समय- समय पर बीज, खाद व दवाएं उपलब्ध कराई जाती है। इस बार भी टमाटर की खेती अच्छी है। अगेती में टमाटर के फल आने लगे है जबकि बिछेती में अभी नवंबर तक आएंगे।
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अजमतगढ़ ब्लॉक के मेघई खास गांव के टमाटर किसान मनोहर सिंह इस बार एक हेक्टेयर में लता वाले टमाटर की फसल लगाएं हैं। बांस- तार के सहारे यह आठ फिट उंचाई तक फैलकर फल देगा। नवंबर माह में लगे पौधे से फरवरी से टमाटर निकलना शुरू हो जाएगा और जून तक तक निकलेगा। प्रतिदिन कम से कम 20 क्विंटल टमाटर लोकल मंडियों में जाएगा। एक हेक्टेयर में दो से ढाई लाख रुपये की लागत आती है। 10 से 12 लाख तक का टमाटर बिकता है। संवाद
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महाराजगंज ब्लाॅक के परायनपुर गांव के टमाटर किसान राज बहादुर सिंह इस बार एक एकड़ में टमाटर की फसल लगाएं हैं। उन्होंने बताया कि टमाटर की फसल अच्छी है। एक सप्ताह के भीतर पहली तोड़ाई शुरू हो जाएगी।अभिलाषा प्रजाति का टमाटर दो आगामी मई माह तक फल देगा। इतनी खेती में लगभग दो लाख रुपये लागत आती है और छह से सात लाख रुपये का टमाटर निकलता है। संवाद