गाजीपुर। जिले के गंभीर और दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को तत्काल और बेहतर उपचार में आधा अधूरा ड्रग वेयर हाउस बाधा बना हुआ है। ड्रग वेयर हाउस के पूरा न होने से दो करोड़ की लागत से तीन वर्ष पहले बनकर तैयार ट्राॅमा सेंटर दवा का गोदाम बना हुआ है। जबकि कार्यदायी संस्था को ड्रग वेयर हाउस दिसंबर माह में ही हैंडओवर कर देना चाहिए। लेकिन धनराशि की कमी से फिनिशिंग कार्य बाकी है। ऐसे में मरीजों को बेहतर व तत्काल उपचार की व्यवस्था उपलब्ध कराने की शासन की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए शासन के निर्देश पर शहर के गोराबाजार के सीएमओ कार्यालय परिसर में दो करोड़ की लागत से वर्ष 2018 में शुरू ट्राॅमा सेंटर के भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2021 में तो पूरा हो गया। कार्यदायी संस्था ने रंग-रोगन कर उसे स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द कर दिया। बावजूद संचालन में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को कारण बताकर जिम्मेदार अधिकारी पल्ला झाड़ते रहे। इसके बाद ट्राॅमा सेंटर को दवा का गोदाम बना दिया गया। सरकारी अस्पतालों में दवाओं का वितरण यहीं से शुरू कर दिया गया, जो तीन वर्षों से चल रहा है। इधर शासन के निर्देश के बाद ड्रग वेयर हाउस का निर्माण पोस्टमार्टम हाउस के पास शुरू हुआ, इससे ट्राॅमा सेंटर में रखी दवाइयों को वहां सुरक्षित किया जा सके। बावजूद निर्धारित समय पर ड्रग वेयर हाउस पूरा नहीं हो सका। शेष धनराशि तीन करोड़ रुपये अवमुक्त होने के बाद कार्यदायी संस्था ने मार्च तक सुपुर्द करने का दावा किया है।
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कार्यदायी संस्था ने तीन माह और समय मांगा है। मार्च तक इसे पूरा करके सुपुर्द किया जाएगा। इसके बाद वहां दवा का भंडारण शुरू हो जाएगा।
-डा. एसके पांडेय, सीएमओ।