दी डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के 100 वर्ष पूरे होने पर शनिवार को मेहता पार्क में शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रणविजय सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के लोकायुक्त संजय मिश्र उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अंगरक्षक और चालक रहे निजामुद्दीन को माल्यार्पण कर सम्मानित किया। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रणविजय सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में हर क्षेत्र में नैतिकता में गिरावट आई है। इसे रोकने के लिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों को समझे। हमारे शास्त्र में 27 संस्कार बनाए गए थे, जो बाद में घटकर 16 हुए और अब वह भी दो ही रह गए हैं।
ऐसे में संस्कारहीन समाज का बढ़ना तय है। बोले हर जिले में विधि और बीएड के कालेज हैं, इसके बाद भी शैक्षिक स्तर घटता जा रहा है। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि सोचना होगा कि यह सेवा का पेशा है न कि जीविकोपार्जन का साधन है। लोकायुक्त संजय मिश्र ने कहा कि सौ साल का इतिहास पन्नों में तो छोटा है लेकिन संस्थाएं जब सौ वर्ष पूरा करती हैं, तो माना जाता है तो उसकी नींव काफी मजबूत हैं। उन्होंने न्यायिक प्रक्रियाओं में जटिलताओं का फायदा उठाते हुए मुकदमों को अधिक दिनों तक लंबित न किए जाने की अधिवक्ताओं से अपील की। यदि अधिवक्ता अपने मुकदमों के बारे में आत्म विश्लेषण करें तो न्यायपालिका में काफी सुधार आ जाएगा। बोले अधिवक्ताओं की समस्याएं हैं, उन्हें इसकी आवाज भी उठानी चाहिए, लेकिन कानून की मर्यादा में रहकर।
बार कौंसिल के उपाध्यक्ष मधुलिका यादव ने अधिवक्ताओं को लाइसेंस के नवीनीकरण प्रक्रिया की जानकारी दी। सदस्य बार कौंसिल अमरेंद्र सिंह ने कहा कि बार के 100 साल के इतिहास में 69 वर्ष आजाद भारत के और 31 वर्ष गुलामी के हैं। 2003 से राजस्व कैडर की स्थापना का प्रयास बार कौंसिल और अधिवक्ता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम हड़ताल के विरोधी हैं लेकिन प्रश्र उठता है कि शासन और प्रशासन के समक्ष अपनी बातों को कैसे रखा जाए, जबकि कोई सुनने को तैयार नहीं है। जिला बार एसोसिएशन की ओर से मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता सल्तनत सिंह को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर मंडलायुक्त आरपी गोस्वामी, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, मंत्री वसीम अहमद, विधायक आलमबदी, डीआईजी उमेश चंद श्रीवास्तव, डीडीसी ऋतु सुहास, महेंद्र प्रताप सिंह, जय प्रकाश यादव, राममनोहर, देवकरन सिंह, महेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता अजय कुमार श्रीवास्तव और संचालन दिग्विजय सिंह ने किया।
पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी के घर पहुंचे लोकायुक्त
आजमगढ़। जनपद आगमन के दौरान लोकायुक्त संजय मिश्र और उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रणविजय सिंह नगर के आराजीबाग स्थित पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता मधुसूदन त्रिपाठी के आवास पर पहुंचे। जहां लोगों ने फूल मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया। कुछ देर वहां बिताने के बाद लोकायुक्त और न्यायमूर्ति इलाहाबाद के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर जिलाधिकारी सुहास एलवाई, पुलिस अधीक्षक दयानंद मिश्र, रविकांत त्रिपाठी, अमित राय, सुनील कांत त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।