रविवार की भोर में करीब तीन बजे आई आंधी और जनपद के कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश ने किसानों की मड़ाई को बाधित कर दिया वहीं आंधी के कारण आम की फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
शनिवार की सुबह आसमान में बादलों के साथ तेज हवा चलती रही। लेकिन रविवार की भोर में आंधी के साथ जनपद में दक्षिणी सीमा के क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। किसानों ने गेहूं का बोझा बांधकर खेतों में छोड़ा था। बहुत से किसानों का मड़ाई के बाद भूसा खेतों और खलिहानों में पड़ा था। सरसों की फसल भी खलिहान में ही थी। वहीं बरसात से पूर्व आई आंधी ने खेतों में काटकर बिना बांधे छोड़े गए गेहूं को उड़ा दिया। आम की फसल पर भी आंधी का प्रभाव पड़ा है। टिकोरे पेड़ों से गिर गए। सुबह से ही किसान गेहूं के बोझ को खोलकर सुखाने में लगे रहे। मेहनाजपुर प्रतिनिधि के अनुसार खेतों में रखी गेहूं की फसल भीग चुकी है। सड़कों पर जगह-जगह जल-भराव हो गया। मेंहनगर प्रतिनिधि के अनुसार आम की फसलों के साथ ही गेहूं की फसल भी बर्बाद हुई है। किसान मुकुटधारी, राजेन्द्र, साहब राज, रामअवध आदि ने बताया कि काफी नुकसान हुआ है। लाटघाट प्रतिनिधि के अनुसार देवारा खास राजा गांव निवासी पल्टन यादव ने कहा कि गेहूं की पैदावार इस बार 30 प्रतिशत कम हुई है। सुमेर ने बताया कि गेहूं खेतों में काटकर बोझा बांध कर छोड़ा गया है। बारिश के साथ आई आंधी के कारण कई क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। नगर क्षेत्र में भी भोर से ही बिजली गुल रही।