इसके बाद प्रभारी निरीक्षक विमल प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम 16 सितंबर को दिल्ली पहुंच गई। मोबाइल लोकेशन के आधार पर दबिश देकर नाइजीरियन नागरिक चिबूके आस्टिन, चिमेजी जस्टिस और चिमामक्पा किजिटो को गिरफ्तार किया।
प्रभारी निरीक्षक विमल प्रकाश राय ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मेडिकल व स्टूडेंट वीजा पर भारत आते हैं। मिजोरम व नागालैंड के लोगों के साथ मिल कर लोगों को महंगे गिफ्ट देने के बहाने भारतीय व अन्य देशों के नागरिकों से ठगी करते हैं। मिजोरम व नागालैंड के लोगों को पैसो का लालच देकर उनके बैंक खाते में पैसा मंगाते हैं और उन्हीं के आईडी पर ली गई सिमकार्ड का प्रयोग साइबर ठगी में करते हैं।
महंगे उपहार देने के नाम पर अधिवक्ता शुल्क, कस्टम शुल्क, फाइल शुल्क इत्यादि के नाम पर पैसा लेते हैं। जिसे फर्जी खातों में मंगाने के बाद एटीएम से पैसा निकाल कर अपने नाइजीरियन बैंक के खातों में डाल देतें है। अब तक एक अरब से अधिक के धोखाधड़ी की भी बात तीनों ने स्वीकार की है।