कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए शनिवार को जनपद में अग्निशमन विभाग की मदद से नगर के मुख्य चौक क्षेत्?
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आजमगढ़। जिले में शुरूआती दौर में मिले निजामुद्दीन मरकज से आए जमात से संबंधित तीन कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक हो गए है। शुक्रवार की देर रात तीनों के तीसरे सैंपल की रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई है। अब इन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। हालांकि बाहरी प्रदेश के होने के कारण अभी उन्हें घर नहीं भेजा जाएगा। तीनों को शेल्टर होम में रखा जाएगा। वहीं अब इनके कोरोना से मुक्त हो जाने के बाद पुलिस महकमे ने इनके खिलाफ दर्ज मुकदमे के अनुरूप कर्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही इन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भी भेजा जा सकता है। क्योंकि जब जमातियों की खोज हो रही थी तो उस समय ये तीनों चक सिकठी मस्जिद में छुपे हुए थे। खुद आगे आकर इन लोगों ने अपनी जांच नहीं कराई। इसके चलते इन पर मुकदमा भी दर्ज है।
निजामुद्दीन मरकज से जुड़े तब्लीगी जमात के 15 लोग 30 मार्च को मुबारकपुर और संजरपुर से पकड़े गए थे। इन्हें आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। एक अप्रैल को इनकी रिपोर्ट आई थी। इसमें मुबारकपुर के चक सिकठी गांव स्थित मस्जिद में ठहरे एक आंध्र प्रदेश, एक तेलंगाना व एक गाजियाबाद के जमाती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। तीन कोरोना पॉजिटिव मिलते ही जिले में हड़कंप मच गया था। इसके बाद इन तीनों के संपर्क में आया चक सिकठी गांव निवासी एक व्यक्ति और पॉजिटिव मिला और फिर इस चौथे कोरोना पॉजिटिव के परिवार के दो सदस्यों का सैंपल भी पॉजिटिव मिले । इस तरह जिले में कुल छह कोरोना पॉजिटिव थे। तीनों जमातियों की कुछ दिन बाद भेजे गए दूसरे सेंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई तो लोगों ने कुछ राहत की सांस लिया। इनका तीसरा सैंपल 13 अप्रैल को जांच के लिए भेजा गया था। शुक्रवार की रात इनकी तीसरे सैंपल की रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई। डब्लूएचओ के मानक के अनुरूप यदि किसी व्यक्ति के दो लगातार के रिपोर्ट निगेटिव आए तो उसे कोरोना मुक्त मान लिया जाता है। ऐसे में तीनों जमातियों की तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आ जाने के बाद ये कोरोना मुक्त हो गए हैं। चूंकि ये जमात से जुड़े हैं और बाहर के रहने वाले है, ऐसे में इन्हें अस्पताल से छुट्टी देने के बाद अभी घर नहीं भेजा जाएगा, बल्कि शेल्टर होम में रखा जाएगा।
तीन कोरोना पॉजिटिव मरीजों के ठीक होना जिले के लिए अच्छी बात है। इन्हें अस्पताल से तो छुट्टी दे दी जायेगी लेकिन घर नहीं भेजा जायेगा। इन्हें किसी शेल्टर होम में रखा जाएगा। यहां तक इन पर मुकदमा दर्ज होने की बात है तो पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एनपी सिंह, जिलाधिकारी।