आजमगढ़। जालसाजी कर लोगों के खातों से फर्जी खातों में पैसा ट्रांसफर कर निकाल लेने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को जनपद पुलिस व यूपी एसटीएफ ने लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया। तीनों को महराजगंज थाने पर लाकर उनका संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया है। यूपी एसटीएफ को लगातार इस बात की सूचना मिली रही थी कि महराजगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले कुछ लोग जालसाजी कर लोगों के खाते से पैसा ट्रांसफर कर निकलने की कवायद में जुटे है। इसके लिए इन लोगों द्वारा लोगों की जालसाजी कर प्राप्त की गई आईडी के आधार पर मुम्बई में बैंक की शाखाओं में खाता खोला जाता था। इन्हीं खातों में दूसरों के खाते से पैसा ट्रांसफर किया जाता था और फिर उसे निकाल लिया जाता था। यूपी एसटीएफ की सूचना पर महराजगंज थाना पुलिस भी इन लोगों की तलाश में जुट गई। लखनऊ में इनके होने का लोकेशन मिला तो यूपी एसटीएफ की टीम के साथ ही महराजगंज थाने के एसआई हमराहियों के साथ लखनऊ पहुंच गए।
लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर चार पर खड़ी एक सफेद रंग की कार के पास जब पुलिस टीम पहुंची तो उसमें सवार तीन लोग उतर कर भागने लगे। घेराबंदी कर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में तीनों ने अपना नाम गनेश मौर्या निवासी प्रतापपुर थाना महराजगंज, प्रदीप मौर्या निवासी रामपुर थाना महराजगंज व आशीष श्रीवास्तव उसुरकुंडवा थाना महराजगंज बताया। मौके से पुलिस ने एक कार के अलावा सात अदद सफेद कागज में पैक गड्डी जिसमें आगे पीछे 100-100 के नोट लगे थे, चार मोबाइल, 6740 रुपये नकद, पैन कार्ड, आधार कार्ड व विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड आदि बरामद किया। बुधवार को पुलिस इन्हें लखनऊ से लेकर महराजगंज थाने पहुंची और संबंधित धाराओं में चालान कर दिया।
रुपये दोगुना करने के नाम पर करते थे ठगी
आजमगढ़। एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि उक्त गिरोह में शामिल लोग रुपया दो गुना करने व नकली नोट के नाम पर ठगने का कार्य करते थे। भोले भाले लोगों को पैसों का लालच देकर मुम्बई ले जाते थे और उनकी फर्जी आईडी बनवा कर वहीं किसी बैंक में खाता खुलवा देते थे। इसके बाद दूसरों के खाते से पैसा इन्हीं फर्जी खातों में ट्रांसफर कर निकल लेते थे। एसपी ने बताया कि अभी यूपी एसटीएफ की टीम इस मामले में विवेचना कर रही है। कुछ और लोगों के नाम भी इस मामले में सामने आ सकते है।