मेहनाजपुर। थाना क्षेत्र के मऊपरासिन गांव निवासी सेना के जवान राजेश सिंह से 18 मई की रात करीब दस बजे बाइक सवार बदमाशों द्वारा छीनी गई रायफल छह दिन बाद गुरुवार को लालमऊ गांव के सरकारी स्कूल के निर्माणाधीन शौचालय में फेंकी हुई थी।
गांव के नीरज सिंह की सूचना पर पुलिस पहुंची और रायफल को बरामद कर लिया। जबकि 11 कारतूसों का अब तक कोई पता नहीं चल सका। पुलिस कारतूस और रायफल छीनने वाले बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है।
मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के मऊपरासिन गांव निवासी राजेश सिंह पुत्र स्व. विभूतिनरायण सीआईएसएफ दुर्ग छत्तीसगढ़ में हेडकांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। वह छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। 18 मई की रात किसी रिश्तेदार को छोड़ने के लिए राजेश अपने बेटे ऋषभ के साथ देवगांव बाजार गए थे।
रिश्तेदार को छोड़कर करीब दस बजे वह मेहनाजपुर बाजार के तिराहे पर पहुंचे तभी पीछे से एक बाइक पर सवार दो बदमाश आए और झपट्टा मारकर रायफल छीनकर फरार हो गए। जिसमें 11 कारतूस भी थी। घटना के संबंध में राजेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई। तभी से पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई थी।
गुरुवार को लालमऊ गांव निवासी नीरज सिंह की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक मेहनाजपुर अखिलेश कुमार लालमऊ गांव पहुंची। जहां सरकारी स्कूल के निर्माणाधीन शौचालय में रायफल फेकी हुई थी। उसे बरामद कर लिया। जबकि 11 कारतूसों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। सीओ लालगंज संतोष सिंह ने बताया कि रायफल बरामद कर ली गई। कारतूस और बदमाशों की तलाश की जा रही है।