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शादी समारोहों में 25 और अंतिम संस्कार में 20 लोग हो सकेंगे शामिल

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आजमगढ़। जनपद में दो मई के बाद से लागू कोरोना कर्फ्यू में शासन की ओर से ढ़ील दे दी गई है। सोमवार को डीएम राजेश कुमार द्वारा नई गाइडलाइन जारी कर दी गई। जिसमें कई शर्तों के साथ दुकानों को खोलने और शादी समारोहों के आयोजन की अनुमति दी गई है।
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डीएम राजेश कुुमार ने बताया कि पूर्व से जनपद में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को 31 मई की सुबह सात बजे से एक जून सुबह सात बजे तक लागू रखे जाने का निर्णय लिया गया है। एक जून की सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक कतिपय गतिविधियों इस शर्त के साथ अनुमन्य की गई हैं। जिसमें रात्रिकालीन कर्फ्यू शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक लागू रहेगा। शनिवार एवं रविवार को साप्ताहिक बंदी व कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा। साप्ताहिक बंदी के दिन पूरे जनपद में शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सेनिटाइजेशन एवं फॉगिंग का अभियान चलाया जाएगा। दुकानों पर दुकानदार व स्टाफ मास्क की अनिवार्यता तथा दो गज की दूरी व सैनिटाइजर की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। दुकान के बाहर गोले बनाए जाएंगे। एक समय में पांच से अधिक खरीददार दुकान में नहीं रहेंगे। मंडियों से होने वाला थोक व्यापार अपने निर्धारित समय से शुरू होकर पूर्वान्ह 11 बजे तक संचालित होगा। लेकिन घनी आबादी के मध्य संचालित मंडियों को खुले स्थान पर संचालित कराया जाएगा। प्रत्येक मंडी में कोविड हेल्पडेस्क अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा हाई-वे, एक्सप्रेस-वे के किनारे ढ़ाबे, ठेले, खोमचे खोलने की अनुमति मास्क की अनिवार्यता व दो गज की दूरी व सैनिटाइजर के प्रयोग के साथ होगी। धार्मिक स्थलों के अंदर एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु नहीं रहेंगे। तीन पहिया वाहन आटो-रिक्शा व ई- रिक्शा में चालक सहित तीन व्यक्तियों के चलने की अनुमति होगी। चार पहिया वाहनों पर चालक सहित चार व्यक्तियों के चलने की अनुमति होगी। शादी समारोहों में गाइड लाइन का पालन करते हुए 25 व्यक्ति शामिल होंगे। वहीं अंतिम संस्कार में 20 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति होगी। कंटेनमेंट जोन में पूर्व से लागू व्यवस्था यथावत लागू रहेगी। यह आदेश जनपद की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इस आदेश का उल्लघंन महामारी अधिनियम-1897, उत्तर प्रदेश कोविड-19 विनियमावली-2020 तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 में दिए गए प्राविधानों के तहत दंडनीय अपराध के साथ-साथ भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के तहत भी दंडनीय अपराध होगा।
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