बलरामपुर। जिला अस्पताल में पिछले 12 दिनों से एंटी रेबीज सीरम की आपूर्ति समाप्त हो चुकी है, जिसके कारण कुत्ते के काटने वाले मरीजों को उपचार में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। अस्पताल के स्टोर में 12,490 वायल वैक्सीन उपलब्ध हैं, ओपीडी में 28 वायल मौजूद हैं।
मंडलीय जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन कुत्ता काटने पर लोगों को इंजेक्शन लगाया जाता है। जुलाई में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने 2958 लोग बंदर, कुत्ता, बिल्ली के काटने पर सुई लगवाने के लिए पहुंचे। इसमें 1858 लोगों को कुत्तों ने काटा था। 310 लोगों को बिल्ली, 590 लोगों को बंदर और 200 को अन्य जानवरों ने काटा था।
विभाग का दावा है कि उसके पास एंटी रैबीज वायल पूरी मात्रा में उपलब्ध है। जो हर सीएचसी और पीएचसी पर मांग के अनुसार पहुंचाया जाता है। वर्तमान में स्वास्थ्य के पास एंटी रेबीज इंजेक्शन तो हैं लेकिन रैबीज सीरम की कमी है। यह सीरम ऐसे मरीजों को दिया जाता है जिन्हें पागल कुत्ते या फिर कुत्ते ने गंभीर रूप से काटा हो। ऐसे में चार से पांच दिन में एक दो आते हैं।
विगत 12 दिनों से जिले में रैबीज सीरम नहीं है। ऐसे में गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राइवेट का सहारा लेना पड़ता है। प्राइवेट में यह सीरम लगभग 2500 रुपये का मिलता है।
जिले के सभी ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। शासन ने 200 वायल एंटी रैबीज सीरम उपलब्ध कराया गया था, जो अब समाप्त हो चुका है। सीरम की मांग शासन से की गई है और जल्द ही इसकी आपूर्ति होने पर मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा। - डाॅ. अरविंद चौधरी, एसीएमओ।