आजमगढ़। तरवां थाना क्षेत्र के उमरी गांव के युवक सनी की आत्महत्या का मामला ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है। परिवार और ग्रामीणों का पुलिस प्रशासन से भरोसा टूट गया है और वे इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। सनी के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने हत्या को आत्महत्या का रूप दिया है।
उमरी गांव में सनी के घर में तीन दिन से चूल्हा नहीं जल रहा है। परिवार के साथ ही पूरा गांव सदमे में हैं। गांव के लोगों का सनी के घर आना जाना लगा है। सनी की मां कुसुम और दादी का का रो-रोकर हाल बेहाल है। लगातार रोने के कारण मां की तबीयत खराब हो गई है। घर पर ही उनका इलाज चल रहा है। गांव की औरतें उसके पास बैठकर ढांढ़स बंधा रही हैं। लेकिन, मां और दादी की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उसके पिता हरिकांत राम अकेले बैठकर मोबाइल में बेटे की तस्वीर देखकर आंसू बहा रहे हैं। उनके मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी। घटना को तीन दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक दरवाजे पर लोगों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। हर कोई दुखी दिखाई दे रहा है। परिवार के साथ ही गांव के लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि सनी आत्महत्या कर सकता है। लोगों को पुलिस की कहानी हजम नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने लड़की की शिकायत पर जो मुकदमा दर्ज किया है, उसमें कोई ऐसी धारा ही नहीं है कि पुलिस उसको तीन दिन तक थाने में बिठाती। अगर पुलिस ने उसको उठाया तो कानून के हिसाब से उसका चालान करना चाहिए था, न कि उसे तीन दिन तक थाने में बिठाना चाहिए था।
00
मामा ने छोड़ा अन्न-जल, बोले- तड़प रही होगी सनी की आत्मा
सनी के मामा चंदन कुमार ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि सनी से उनका गहरा लगाव था। सनी ने थाने से सबसे पहले उन्हें ही फोन किया था। चंदन ने बताया कि जब पुलिस ने उसे थाने में बिठाया, तो मैं वहां गया और पुलिस से बात की। उन्होंने चालान की बात कही, लेकिन अगले ही दिन उसकी मौत की खबर आ गई। पुलिस ने बिना हमें सूचित किए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सनी की मौत के बाद से मामा चंदन ने अन्न-जल त्याग दिया है। उनका कहना है कि सनी पर लगे आरोपों से उसकी आत्मा तड़प रही होगी। जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।
00
पिता ने उठाए सवाल, कहा- नाड़े ने कैसे संभाला 80 किलो वजन
सनी के पिता हरिकांत राम ने पुलिस की रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पायजामे का नाड़ा इतना मजबूत कैसे हो सकता है कि 70-80 किलो वजन संभाल ले? यह संदेह पैदा करता है। मेरे बेटे ने आत्महत्या नहीं की, पुलिस ने उसकी हत्या की है। विपक्षियों से पैसा लेकर इसे आत्महत्या का रूप दिया गया। हमें उसका चेहरा तक नहीं देखने दिया गया। हमारी मांग है कि थाने के सीसीटीवी फुटेज दिखाई जाए और मामले की सीबीआई जांच हो।
00
गांव में पुलिस व पीएसी तैनात
तरवां थाना क्षेत्र में हुए उपद्रव के बाद उत्पन्न हुई स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से चौकन्ना है। तीन दिन बीतने के बाद भी राजनीतिक दलों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन की ओर से गांव में पुलिस और एक गाड़ी पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है, जो बराबर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
000
बसपा ने सीबीआई तो कांग्रेस ने न्यायिक जांच की उठाई मांग
कहा- सरकार पीड़ित परिवार के सदस्य को नौकरी और मुआवजा दे
फोटो संख्या 18 और 19
संवाद न्यूज एजेंसी
आज़मगढ़। जिले के तरवां थाने में युवक के आत्महत्या के मामले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार को सपा के प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की थी। बुधवार को बसपा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी सनी के परिजनों से मिलने पहुंचे। बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने मामले की सीबीआई से जांच कराने और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी के साथ 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मामले की हाईकोर्ट के सीटिंग जज से न्यायिक जांच कराने की मांग की।
बसपा सुप्रीमो के निर्देश पर पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि घटना दुखद है। अगर पुलिस पकड़कर ले गई तो उसे चालान करना चाहिए था लेकिन पुलिस ने युवक को 29 मार्च को उठाया और 30 मार्च तक चालान नहीं किया। 30 की रात को परिजन 10 बजे भोजन लेकर गए तो सनी स्वस्थ था। लेकिन 31 की सुबह उसकी मौत की जानकारी परिजनों को दी गई। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि युवक मां-बाप का इकलौता सहारा था। उसकी दो बहने हैं, जिसमें एक दिव्यांग है। उन्होंने सरकार से मांग की कि घटना की सीबीआई जांच कराई जाए। परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बुधवार की शाम को पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, कांग्रेस साथ खड़ी रहेगी। इस तरह की घटना जनता में भय पैदा करती है। कानून के राज की दुहाई देने वाली सरकार में अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। इस सरकार में पुलिसिया उत्पीड़न चरम पर है, जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो उस देश और प्रदेश का विनाश निश्चित है। देश भारतीय संविधान से चलेगा ना कि तानाशाही से। उन्होंने पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये, सरकारी नौकरी और हाईकोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच कराने की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष कौशल किशोर सिंह उर्फ मुन्ना राय ने परिवार को सहायता राशि प्रदान की। इस मौके पर निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक प्रसाद, निवर्तमान प्रदेश सचिव अनीश खान आदि उपस्थित रहे।
0000
तोड़फोड़ और पथराव के मामले में 13 नामजद और 40 अज्ञात पर एफआईआर
आजमगढ़। छेड़खानी के एक आरोपी ने तरवां थाना परिसर के शौचालय में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया था। सरकारी वाहन में तोड़फोड़ भी की थी। पुलिस ने इस मामले में 13 नामजद और 40 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
तरवां थाना क्षेत्र के उमरी गांव की एक छात्रा ने गांव के सनी कुमार (21) पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में सनी को पकड़ लिया गया था। उसका चालान भी नहीं किया गया था। आरोप है कि परिजन खाना लेकर जा रहे थे तो मिलने भी नहीं दिया जा रहा थ्था। परिजनों का आरोप था कि सनी को रविवार की रात में ही मार दिया गया था। इसके बाद शव को बिना दिखाए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इससे नाराज परिजनों और अन्य लोगों नेप्रदर्शन के दौरान परमानपुर चौराहे पर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों से पुलिस पर हमला कर दिया था। इसमें मॉनिटरिंग सेल प्रभारी अखिलेश मौर्य का पैर टूट गया, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। उपद्रवियों ने थाना सिधारी के सरकारी वाहन के शीशे, हेडलाइट और बोनट को तोड़ दिया। बाजार की दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया। घटना को नियंत्रित करने के लिए महाराजगंज, कंधरापुर, फूलपुर, बरदह, तहबरपुर, गंभीरपुर और मेंहनगर पुलिस पहुंची थी। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों में बलवंत, गाजीपुर, महेश सोनी, अजय कुमार, मधुबन राम, चंदन राम, राकेश यादव, रोहित कुमार, विशाल सिंह, मुकेश कुमार, संजय राम, महेश कुमार, जैकी और शिवम शामिल थे। मृतक के परिजनों की तहरीर पर थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस व प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि कानून को हाथ में लेकर पुलिसर्मियों पर पत्थरबाजी करने और सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में 13 नामजद और 40 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। इलाके में पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है।
00
वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों को किया जा रहा चिह्नित
आजमगढ़। एसपी हेमराज मीना ने बताया कि तरवां थाने के शौचालय में युवक का शव मिलने के बाद परिजनों के साथ ही लोगों की भारी भीड़ पहुंच गई। इस भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने निजी हितों को देखते हुए उन्माद फैलाया। पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की और सरकारी गाड़ियों को तोड़ दिया गया। इस घटना का वीडियो पुलिस के पास है। वीडियो के आधार पर आरोपियों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
00
ईद पर कानून व्यवस्था प्रभावित करने किया गया था प्रयास
आजमगढ़। एसएसपी हेमराज मीना ने कहा कि युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। इसके बाद वहां पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। वहां मौजूद लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा गया था लेकिन कुछ लोग वहां निजी हित को साधने के लिए पहुंचे थे और उन्होंने बवाल किया। जबकि 31 मार्च को ईद था। ऐसे में उस दिन कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया गया था। ऐसे सभी लोगों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।