23 स्वदेशी मेले में मिट्टी के वर्तनों की खरीदारी करते लोग। संवाद
आजमगढ़। शहर के डीएवी मैदान में चल रहे यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेले में जिले के मुबारकपुर के बुनकरों द्वारा निर्मित बनारसी साड़ियों की मांग अधिक है। इसके अलावा निजामाबाद के मिट्टी के बर्तनों के स्टॉल पर भी खरीदारी के लिए भीड़ लग रही है।
यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला 18 अक्तूबर तक चलेगा। इसमें जिले में बन रहे आंवला के उत्पाद, अलमारी, चौखट, बनारसी साड़ी, ब्लैक पाटरी, खादी के कपड़ों के साथ ही अन्य स्टॉल लगाए गए हैं। इसमें मुबारकपुर में बनी बनारसी साड़ी और निजामाबाद के बने मिट्टी के बर्तनों के स्टॉल पर खरीदारी के लिए लोगों की ज्यादा भीड़ लग रही है। जिले के बुनकरों द्वारा बनाई गई कतान सिल्क, मूंगा सिल्क, टिशू सिल्क, ऐरी सिल्क, चंदेरी सिल्क, औगेंजा सिल्क, मटका सिल्क आदि बनारसी साड़ियों को महिलाएं ज्यादा पसंद कर रही है। मेले में स्टाॅल लगाए अल्ताफ ने बताया कि सभी प्रकार के ग्राहकों को ध्यान में रखकर 800 से लेकर 30 हजार रुपये के रेंज तक की साड़ियां हैं। फीचर साड़ियों की मांग हो रही है। यह लोगों की बजट में आसानी से आ रहा है। मेले में आंवले से निर्मित लड्डू, बर्फी, कैंडी के स्टॉल सजे हैं। दीपावली के मद्देनजर स्वदेशी मेले में आने वाले लोग निमाजाबाद की मिट्टी के बने बर्तनों को पसंद कर रहे हैं। साधारण दीये के अलावा डिजाइनदार मिट्टी की पूजा की थाली और डिजाइनदार दीये की लोग खरीदारी कर रहे हैं। मेले में ब्लैक पाटरी का स्टॉल लगाए निकेश प्रजापति ने कहा कि डिजाइनदार दीये, मिट्टी की पूजा की थाली, शुभ लाभ, धूपदानी और नारियल दीपक की लोग अधिक खरीदारी कर रहे हैं। डिजाइनदार दीये की कीमत 10 रुपये से 50 रुपये तक है। वहीं, मिट्टी की पूजा की थाली 400 रुपये में बिक रही है। इसके मिट्टी के खिलौने, थरमस, गिलाश, कप, शंख, शिव लिंग आदि स्वदेशी मेले की शोभा बढ़ा रहे हैं।