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Azamgarh News: 24 गावों में पंचायत भवन नहीं, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

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पवई। ग्राम पंचायत में कंप्यूटरीकृत पंचायत कार्यालय होंगे। उनमें ग्रामीणों के सभी प्रकार के काम ऑनलाइन करेंगे। सरकार की यह परिकल्पना विकास खंड पवई में साकार होती नहीं दिख रही है। 24 पंचायत भवनों का निर्माण नहीं हो पाया है। प्रधान घर से गांव की सरकार चला रहे हैं। क्षेत्र में 96 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 72 पंचायत भवन का निर्माण हो चुका है।
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गांव के लोगों को ब्लॉक और तहसील का चक्कर न लगाना पड़े इसके लिए शासन ने गांव के पंचायत भवनों पर पंचायत सहायकों को नियुक्त किया है, ताकि लोगों को पंचायत भवन पर ही सारी सुविधाएं मिल सकें।



जिन गांवों में पंचायत भवन नहीं है, वहां पर पंचायत भवन के निर्माण के लिए बजट भी जारी हो चुका है। पवई ब्लॉक में सचिवों और अधिकारियों की उदासीनता के कारण दो दर्जन पंचायत भवन अधूरे पड़े हुए हैं। इसके कारण प्रधान घर से गांव की सरकार चला रहे हैं। ग्रामीणों को ब्लॉक और तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। क्षेत्र में 96 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 72 पंचायत भवन का निर्माण हो चुका है। आठ जर्जर हैं जबकि 14 का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। कई सचिवालयों के लिए लाखों रुपये निकाल लिए गए लेकिन उसका काम धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। सुम्हाडीह, बिलवाई, बलईपुर, भिटौरा, दत्तापुर, दावनपारा, खंडौरा, मैनुद्दीनपुर, नाहरपुर, रामापुर, सलारपुर, फत्तनपुर आदि गांवों के पंचायत भवन अधूरे पड़े हुए हैं।
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गद्दोपुर प्रथम में नहीं मिल रही जमीन

ग्राम पंचायत गद्दोपुर प्रथम में जमीन न होने के कारण पंचायत भवन नहीं बन पा रहा है। ग्राम पंचायत पचरुखवा में जमीन होने के बावजूद पंचायत भवन का निर्माण नहीं हुआ है। जबकि कई गांवों के पंचायत भवनों की मरम्मत न होने से कोई नहीं बैठता है। पंचायत सहायक घरों से काम कर रहे हैं। संवाद

जिन गांवों में पंचायत भवन के लिए बजट जारी हो चुका है, वहां निर्माण अधूरा क्यों है, इसकी रिपोर्ट एडीओ पंचायत से लेकर जांच कराएंगे। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - इशरत रोमेल, बीडीओ पवई।
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