दो दिन पूर्व घर से लापता युवक का शव सोमवार की सुबह बरदह थाने के भैसकुर गांव स्थित बेसो नदी में तैरता मिला। युवक के गर्दन, पेट सहित शरीर के अन्य भाग पर धारदार हथियार के निशान थे। पुलिस शव लेने पहुंची तो लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुस्साए ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ लिया। ग्रामीण डीएम और एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे। बाद में एडीएम प्रशासन आशुतोष द्विवेदी, एएसपी सिटी विनोद कुमार मयफोर्स मौके पर पहुंचे। एडीएम के आश्वासन पर करीब चार घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
भैसकुर गांव निवासी जोगेंद्र सरोज (30) मुंबई में नौकरी करता था। पिता नन्हकू ने बताया कि नौ मई की शाम किसी का फोन आया। जोगेंद्र उससे बात करते हुए घर से बाहर चला गया। देर रात तक उसका पता नहीं चला तो घर वाले तलाश करने लगे। रविवार को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। दूसरे दिन सुबह जोगेंद्र का शव घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित बेसो नदी में उतराया मिला। ईंट भट्ठे के मजदूरों ने शव देखा तो शोर मचाया।
बरदह थाने के कार्यवाहक प्रभारी जयचंद्र भारती मौके वहां पहुंचे तो मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए गांव वालों ने उन्हें खदेड़ दिया। ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, परिवारवालों को जमीन और शस्त्र लाइसेंस दिलवाने की मांग कर रहे थे।
मौके पर एडीएम प्रशासन आशुतोष द्विवेदी, एएसपी सिटी विनोद कुमार, एसडीएम लालगंज शीतला प्रसाद यादव पहुंचे। सीओ लालगंज नंदकुमार ओझा ने बताया कि मृतक के पिता नन्हकू सरोज की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस जांच में जुटी है।