आजमगढ़। रोडवेज स्टैंड पर लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। हालांकि, रोडवेज बस स्टैंड पर पेयजल के लिए टंकी से जुड़े हुए नल तो चल रहे हैं, पर गर्मियों में अब उनका पानी गरम होने लगा है, जिससे इन नलों का पानी यात्रियों की प्यास बुझा नहीं पा रहा है। ऐसे में यात्री कंठ को ठंडे पानी से तर करने को बोतल बंद पानी को खरीदने के लिए मजबूर होते हैं।
शहर के रोडवेज बस स्टेशन पर शुद्ध पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। यहां एक भी हैंडपंप नहीं दिखाई पड़ते हैं और निगम की टोंटी में गंदा या फिर गरम पानी आता है। उसे यात्री नहीं पीना चाहते। वहीं कुछ साल पूर्व एक वाटर एटीएम भी लगाया गया था। जहां से लोग सस्ते दर से पानी खरीदकर पीते थे लेकिन उसे बंद कर दिया गया है। जिससे अब लोगों को परेशानी हो रही है। जबकि आजमगढ़ रोडवेज बस अड्ढे से रीजन की सभी डिपो की 400 से अधिक बसें संचालित होती हैं। यहां 24 घंटे बसों के फेरे लगने से यात्री आते रहते हैं। वह बोतल वाला पानी खरीदकर पीने को विवश हैं। वहीं जिनके पास पैसे नहीं हैं वह अपनी प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं। इधर-उधर उन्हें हैंडपंप व टंकी के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। बस स्टेशन पर परिवहन निगम से अनुबंध करके एक कंपनी ने वाटर एटीएम लगाया है। यह दूर से बड़ा सजावटी लगता है, पर खुलने बंद होने का इसका कोई टाइम नहीं है। वर्तमान समय में यह अंद ही चल रहा है। हर समय इसमें ताला लगा रहता है। यहां पर दो रुपये में एक लीटर पानी देने का नियम है, जिससे कि यात्रियों को परेशानी न हो। बावजूद इसके यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है।
रोडवेज यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए रोडवेज ने पुलिस चौकी के पास एक पानी की टंकी बनाई है। इस टंकी के आसपास व उसपर काई लगी है। जिससे लोग यहां आने से कतराते हैं। इतना ही नहीं गर्मी के कारण पानी गरम भी हो जाता है। जिससे लोग पानी पीने से कतराते हैं। दूर से देखने में खंडहर की तरह लगता है। पुरानी इमारत के पास में वह स्टेशन के सुंदरीकरण को मुंह चिढ़ा रही है। रोडवेज के आरएम वीके सिंह ने बताया कि बस स्टेशन पर पेयजल सुविधा का पूरा प्रयास किया जा रहा है। वाटर एटीएम को फिर से नियमित रूप से खोलने को एजेंसी को कहा जाएगा। यात्रियों को दिक्कत नहीं होने पाएगी।