आजमगढ़। गांवों में मिनी सचिवालय बनाने की योजना थी, जहां गांव वालों के सभी जरूरी सरकारी काम हो सकें लेकिन अधिकारियों के ढीले रवैए के चलते यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। कहीं सचिवालय अधूरा पड़ा है तो कहीं अभी भी निर्माण चल रहा है। ऐसे में गांव की सरकार प्रधानों के घरों से ही चल रही है।
जिले में 1858 ग्राम पंचायतें हैं। ग्रामीणों को आय, जाति प्रमाण पत्र और दूसरी सुविधाएं मुहैयार कराने के लिए गांवों में मिनी सचिवालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसी भवन में पंचायत की बैठकें होनी हैं और ग्राम पंचायत अधिकारी भी बैठेंगे। पंचायत के दस्तावेजों के सुरक्षित रखरखाव, कंप्यूटर आदि की उपलब्धता रहेगी। इसके लिए सरकार लाखों रुपये खर्च करके गांव में सचिवालयों का निर्माण करा रही है लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण अभी तक कई विकास खंडों के गांवों में मिनी सचिवालय नहीं बन सके हैं।
तीन साल में सिर्फ दिवार ही हो सकी तैयार
अहरौला। विकास खंड अहरौला के पूरा दुबे गांव में बीते पंचायत कार्यकाल और वर्तमान प्रधान के कार्यकाल में भी गांव में निर्माणाधीन मिनी सचिवालय का निर्माण अभी भी पूर्ण नहीं हो पाया है। तीन साल में मिनी सचिवालय की दिवाल ही तैयार हो पाया है। वर्तमान प्रधान ने बताया कि अभी इसका बजट ही नहीं स्वीकृत हो पाया है। 15 लाख से ऊपर बजट के सचिवालय में मात्र अब तक ढाई लाख रुपये की मिलने की बात कही जाती है। वहीं विकास खंड के अन्य गांवों में पुराने मिनी सचिवालय को रिपेयर करा कर रंग रोगन और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है। एडीओ पंचायत अमरजीत सिंह ने बताया कि विकास खंड में कुल 28 ग्राम सभाओं में मिनी सचिवालय का निर्माण होना था। जिसमें 13 मिनी सचिवालय का कार्य पूर्ण हो चुका है। 12 मिनी सचिवालय पर काम चल रहा है और तीन मिनी सचिवालय तकनीकी कारणों से अभी प्रतिक्षारत में हैं।
बजट न मिलने से सचिवालय का निर्माण अधूरा
निजामाबाद। रानी की सराय ब्लाक अंतर्गत असनी ग्रामसभा में सचिवालय का निर्माण कराया गया है। निर्माण ग्राम प्रधान उषा यादव द्वारा 2022 की शुरुआत में लगभग 19 लाख की लागत से पूर्ण करने का निर्देश था। किसी तरीके से ग्राम प्रधान ने मेहनत कर सचिवालय का निर्माण तो करा दिया लेकिन ब्लॉक से सचिव द्वारा सचिवालय के निर्माण में जो लागत लगी है वह अभी तक नहीं भेजी गई है। जिसकी वजह से सचिवालय में दरवाजा खिड़की और साफ-सफाई नहीं हो पाई है। ग्रामप्रधान उषा यादव ने बताया कि धनराशि समय से मिल जाती तो सचिवालय की स्थिति कुछ और होती अब तक उसमें दरवाजा खिड़की साफ सफाई रंगाई पुताई सब करा कर पूर्ण कर लिया गया होता।
मिनी सचिवालयों पर नजर
जिले में कुल ग्राम पंचायत - 1858
कुल निर्मित हो चुके मिनी सचिवाल - 1359
पूर्व में निर्मित हो चुके मिनी सचिवालय - 919
नवनिमिऌ्त मिनी सचिवालय (कार्य पूर्ण ) - 440
पूर्ण रूप से स्थापित हो चुके मिनी सचिवालय - 731
निर्माणाधीन मिनी सचिवालय - 499
जिले के डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि सचिवालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए ग्रामप्रधानों को भी निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। हालांकि सभी ग्राम पंचायतों से मिनी सचिवालयों की वर्तमान समय की स्थिति मांगी गई है। अभी पूरानी रिपोर्ट हमारे पास है।