शहर कोतवली में अतिक्रमण को लेकर कोतवाल से वार्ता करते ठेले खेंचे लगाने वाले लोग।
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आजमगढ़। पुलिस विभाग ने सड़कों से अतिक्रमण हटवाने के क्रम में ठेला-खोमचा वालों को प्रतिबंधित कर दिया है। रविवार से सड़क की पटरियों पर ठेला-खोमचा लेकर चलने वालों को जुर्माना लगाने की कवायद शुरू होनी है। जिसे लेकर शहर के ठेला-खोमचा वाले आंदोलित हो गए हैं। इसके निमित्त शनिवार को सभी ने शहर कोतवाली का घेराव किया। इसके अलावा कुंवर सिंह पार्क में बैठक कर आंदोलन की रणनीति भी तय हुई।
प्रदेश सरकार ने शहर की सड़कों से अतिक्रमण व जाम के झाम से मुक्ति के लिए शासनादेश निर्गत किया है। जिसमें सड़क की पटरियों पर दुकान सजाने वाले, ठेला-खोमचा वालों पर लगाम कसने का निर्देश पुलिस प्रशासन को दिया गया है। शासन के इस निर्देश के अनुरूप पुलिस प्रशासन ने कवायद भी शुरू कर दी है। दो दिनों तक शहर में पुलिस के जवान लाउडस्पीकर से घूम-घूम कर यह प्रचार कर रहे थे कि 14 सितंबर के बाद सड़क की पटरियों पर कब्जा करने वालों का चालान कटेगा और जुर्माना लगाया जायेगा। पुलिस प्रशासन ने ठेला-खोमचा व पटरियों तक दुकान सजाने वालों को सख्त चेतावनी भी जारी किया है। पुलिस की इस कवायद पर ठेला-खोमचा के माध्यम से परिवार का भरण पोषण करने वाले भड़क उठे। शनिवार को इन्होंने शहर कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन किया। इसके पश्चात कुंवर सिंह पार्क में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई। बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता पंकज मोहन सोनकर ने कहा कि वे ठेला-खोमचा वालों के आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। सोमवार को शहर में वृहद जुलूस निकाला जायेगा और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा जायेगा। जब तक शासन-प्रशासन ठेला-खोमचा वालों के खिलाफ जारी फरमान वापस नहीं लेती तब तक आंदोलन चलता रहेगा। इस अवसर पर राजाराम सोनकर, शंभू सोनकर, अनिल सोनकर, दीपक, सूरज, बाबुलाल, छोटेलाल, जगदीश, मोनू, राजकुमार, मनीष, मनोज, प्रीतम, अमरनाथ, सुरेश, त्रिवेनी समेत सैकड़ों की संख्या में ठेला-खोमचा वाले मौजूद रहे।