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देश के प्राणधारा की संवाहक है हिंदी : डीएम

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शिब्ली इंटर कालेज में हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते डीएम एनपी सिंह। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। हिंदी दिवस पर शिब्ली इंटर कॉलेज में नवांकुर प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें चयनित नवांकुर साहित्यकारों और चित्रकारों को सम्मानित किया गया। उन्हें जनपद के साहित्यकारों के नाम पर प्रशस्ति-पत्र और 5000 की धनराशि प्रदान की गई। अपने वेतन से साहित्यकारों को सम्मानित करने के बाद डीएम एनपी सिंह ने कहा कि हिंदी देश की प्राणधारा की संवाहक है।
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कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सबसे कम उम्र की नवांकुर साहित्यकार सहजप्रीत कौर (चित्रकला), डीएम एनपी सिंह, सीडीओ आनंद शुक्ला, साहित्यकार कन्हैया सिंह समेत अन्य ने सरस्वती मां के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अग्रसेन इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति की। सरमीन अकमल, इप्सित पांडेय, मो. सारीम सहित स्वयं डीएम एनपी सिंग ने महिलाओं की पीड़ा को उकेरती स्वरचित कविता सुनाकर लोगों को भावविभोर कर दिया। डीएम नागेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि कि किसी राष्ट्र के विकास के सांस्कृतिक चेतना का माध्यम उसकी चेतना होती है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा का उदय उत्तर प्रदेश, बिहार तथा मध्य प्रदेश के साथ ही सबसे पहले बंगाल में सन 1826 में हुआ है, वहीं से पत्र-पत्रिकाओं का छपना शुरू हुआ।
कार्यक्रम को वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कन्हैया सिंह ने भी संबोधित किया। इसी क्रम में डीएम और सीडीओ ने साहित्यकार डॉ. कन्हैया सिंह, द्विज राम यादव, जगदीश प्रसाद बरनवाल ‘कुंद’, प्रभु नारायण पाण्डेय प्रेमी को शाल देकर सम्मानित किया।
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आजमगढ़। हिंदी दिवस पर शिब्ली इंटर कॉलेज में जिले के चिह्नित नवांकुर साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। कविता के क्षेत्र में शशांक ‘आनंद’ पुत्र सुभाष चंद यादव ब्रम्हस्थान को महापंडित राहुल सांकृत्यायन सृजन सम्मान, इप्सित पांडेय पुत्री अरुण कुमार पांडेय जाफरपुर को अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ सृजन सम्मान, प्रत्यक्षा तिवारी आसिफगंज को कैफी आजमी सृजन सम्मान, शरमीन अकमल अंजानशहीद को स्व. विश्वनाथ लाल ‘शैदा’ सृजन सम्मान, मो. सारीम पुत्र फैयाज अहमद खालिसपुर को अल्लामा शिब्ली नोमानी सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार कहानी के क्षेत्र में अभिनव पाठक हरबंशपुर को आचार्य चंद्रबली पांडेय सृजन सम्मान, कुमारी जागृति पाठक पुत्री रणविजय रमन पाठक हरबंशपुर को पं. लक्ष्मी नारायण मिश्र सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया। सहजप्रीत कौर पुत्री दिलीप सेठ सदावर्ती को चित्रकला के क्षेत्र में सरनाम दास हरनाम दास सृजन सम्मान दिया गया। सभी को प्रोत्साहन के रूप में पांच हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। इसी क्रम में ऋषिका अग्रवाल, सिद्धि सिंघल, सुहानी अग्रवाल, वंशिका सेठ, वर्तिका कृष्णा को चित्रकला के क्षेत्र में सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया।
आजमगढ़। शिब्ली नेशनल महाविद्यालय में हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. अल्ताफ अहमद ने कहा कि हिंदी केवल भाषा ही नहीं देश का सम्मान है। हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर आलमगीर अली अहमद ने कहा कि भारतीय संविधान ने सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया। हिंदी हमारी संस्कृति एवं सभ्यता की प्रतीक है। हिंदी से हमारी अस्तित्व है। संचालन कर रहे दर्शनशास्त्र के सहायक प्राध्यापक डा. बीके सिंह ने कहा कि हिंदी भाषा अनेकता में एकता को स्थापित करने का सूत्रधार है। कार्यक्रम को हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. फिरोजा बानो, डॉ. अरूण कुमार यादव, एमए प्रथम वर्ष के छात्र संदीप कुमार आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. हकीमुद्दीन, डॉ. जावेद अहमद, शिखा रावत, आयसा, प्रियंका यादव, आरती, आराध्या यादव, गौरव चौबे, अमन मौर्य सहित हिंदी विभाग के छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
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