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किसान कानून के विरोध में सपाइयों ने निकाली पदयात्रा

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मालटारी बाजार में नये किसान कानून के विरोध में प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता। - फोटो : AZAMGARH
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सगड़ी। सपा मुखिया अखिलेश यादव के आह्वान सपा की ओर से किसान कानून के विरोध में पदयात्रा निकालकर संगोष्ठी की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को मालटारी बाजार में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाली। सरकार विरोधी नारे भी लगाए। बाजार के पश्चिमी छोर पर स्थित खेल के मैदान के पास संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।
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वरिष्ठ नेता शंकर यादव ने कहा कि किसानों की बात को सुनने के लिए केंद्र सरकार तैयार नहीं है। वह अडानी और अंबानी की गोद में खेल रही है। जयराम सिंह पटेल ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने किसानों के लिए जो किसान कानून पास किया है, वह किसान हित में नहीं है। देश का किसान आंदोलित है। हम लोग जन जागरण अभियान निकालकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जब तक यह किसान कानून वापस नहीं होगा, तब तक यह अभियान लगातार चलता रहेगा। उधम सिंह राठौर ने कहा कि जब तक यह सरकार काला कानून वापस नहीं लेगी तबतक सपा के कार्यकर्ता और नेता चुप बैठने वाले नहीं हैं। इन्द्रभूषण यादव ने कहा भाजपा की प्राथमिकता में गरीब किसान नहीं है। बल्कि कॉरपोरेट घरानों का हित साधना है। श्रीकांत यादव ने कहा कि नए कृषि कानून से देश में जमाखोरी के साथ बेतहाशा महंगाई बढ़ेगी। नया कृषि कानून देश को गुलामी के रास्ते पर ले जाएगा।रामदरश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों की आवाज को दबाने के लिए दमन का सहारा लिया है। मिर्जा मसूद बेग ने कहा कि किसानों की शक्ति के आगे बड़ी बड़ी ताकतों को नतमस्तक होना पड़ा है। भारत एक कृषि प्रधान देश है। केंद्र सरकार को किसान आंदोलन के सामने झुकना ही पड़ेगा। ओमप्रकाश राय, सूर्यनाथ यादव, ओमप्रकाश यादव, बालचन्द कुशवाहा, हरिमोहन मौर्य, साहब सिंह पटेल, मान सिंह पटेल, हरिकेश यादव, हरिशंकर यादव उपस्थित रहे।
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