एक तरफ जिले में ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लोगों की उदासीनता से अभियान पर पानी फिर रहा है।
अभियान के 21 दिन बीत जाने के बाद भी जिले के 36 परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं जहां अब तक एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ है। बीएसए ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर नामांकन करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी कि नामांकन न होने पर विद्यालयों के पूरे स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 2706 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें इस सत्र के लिए 70649 छात्रों के नामांकन का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष अब तक मात्र 12759 बच्चों का ही प्रवेश हो सका है, जो लक्ष्य के मुकाबले काफी कम है।
जनपद में 22 ब्लाॅक हैं लेकिन सबसे ज्यादा खराब स्थिति नगर क्षेत्र की है। नगर क्षेत्र में कुल 418 नए बच्चों को प्रवेश दिलाने का लक्ष्य हैं। इसके सापेक्ष मात्र 20 बच्चों के ही नामांकन हुए हैं जबकि जिले के सभी विद्यालयों को 16 से 19 मानकों पर सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। इसके बावजूद नामांकन की गति बेहद धीमी रहने से न केवल स्कूल प्रबंधन, बल्कि खंड शिक्षा अधिकारियों की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नामांकन में कोयलसा टॉप, नगर पालिका सबसे पीछे : आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 के नामांकन आंकड़ों ने शिक्षा विभाग की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। ब्लॉकवार तुलना में कोलसा ब्लॉक सबसे आगे रहा, जबकि नगर पालिका क्षेत्र सबसे पीछे दिखाई दिया। जिले में कुल 70649 लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 12759 नामांकन हुए हैं। इसमें कोयलसा ब्लॉक में सबसे अधिक 1018 नामांकन दर्ज किए गए, जो अन्य ब्लॉकों की तुलना में काफी बेहतर है। इसके अलावा लालगंज 894, फूलपुर 849 और अतरौलिया 741 में भी नामांकन की स्थिति संतोषजनक रही। वहीं कई ब्लॉकों में नामांकन की रफ्तार काफी धीमी है।
हरैया 567, जहानागंज 413, मार्टीनगंज 394, रानी की सराय 389 और पल्हनी 322 जैसे ब्लॉक लक्ष्य से काफी पीछे हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति नगर पालिका क्षेत्र की है, जहां 418 के लक्ष्य के सापेक्ष महज 20 नामांकन ही हो सके हैं। इससे साफ है कि शहरी क्षेत्र में अभिभावकों का रुझान परिषदीय स्कूलों की ओर नहीं है।