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Azamgarh News: ग्राम चौपाल में उठी घाघरा से कटान की समस्या

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देवारा खास राजा गांव में आयोजित ग्राम चौपाल में लोगों की समस्या सुनते अ​धिकारी। संवाद
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देवारा खास राजा में हुई कटान से कई पुरवे नदी में समाए
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लाटघाट। हरैया ब्लॉक के देवारा खास राजा ग्राम पंचायत भवन पर शुक्रवार को ग्राम चौपाल में घाघरा से कटान की समस्या को ग्रामीणों ने पुरजोर तरीके से उठाया। बैठक में समस्याओं के साथ विकास कार्यों पर भी चर्चा की गई। विकसित भारत अभियान समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। अध्यक्षता प्रधान द्रोपदी यादव और संचालन पंचायत सचिव दीपक मौर्या ने किया।
प्रधान द्रोपदी यादव ने बताया कि देवारा खास राजा गांव की आबादी छह हजार से अधिक है। यहां 4200 से ज्यादा मतदाता हैं। गांव में कुल 16 मजरे हैं। यहां 807 जॉब कार्ड धारक, 980 राशन कार्ड लाभार्थी हैं। वहीं 77 लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास तथा 175 लोगों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पूर्व प्रधान राम सिंगार यादव ने बताया कि गांव में करीब 10 किलोमीटर खड़ंजा, तीन किलोमीटर आरसीसी सड़क और दो किलोमीटर इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया गया है। संपर्क मार्ग को सुगम बनाने के लिए चार पुलियों का निर्माण कराया गया। साढ़े आठ किमी कच्चे मार्ग का भी निर्माण किया गया। चौपाल में ग्रामीणों ने बताया कि गांव की सबसे बड़ी समस्या घाघरा नदी का कटान है। नदी किनारे गांव होने के कारण ग्रामीणों को हर वर्ष कटान की मार झेलनी पड़ती है। मुराली का पुरवा, तिलोकी का पुरवा और झगरहवा जैसे इलाके कटान से सबसे अधिक प्रभावित हैं।
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गांव के रामनिवास यादव, इसरावती, जगधार, जवाहर, रामसमुझ, नर्सिंग, नंदलाल और शिवनाथ सहित अन्य लोगों ने बताया कि वर्ष 1972 से गांव के लोग लगातार कटान की मार झेल रहे हैं। कई पुरवे घाघरा नदी में समा चुके हैं। रमई का पुरवा, मुसहवा, मुरली का पुरवा, त्रिलोकी का पुरवा, भीमली का पुरवा, बगहवा, जागवली का पुरवा, बासु का पुरवा और झगड़आ जैसे कई पुरवे पहले ही कटान की भेंट चढ़ चुके हैं, जिससे कई परिवारों को पलायन कर दूसरी जगह बसना पड़ा। प्रधान प्रतिनिधि राम सिंगार यादव ने कहा कि घाघरा के कटान से बचाव के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से मांग की जा चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के समय से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव के सामने भी समस्या उठाई गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
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