बलरामपुर। मेंहगर थाना क्षेत्र के गांव सपनहर में दीवार ढहने से चार साल की बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डाक्टरों ने इसे मृत घोषित कर दिया। जन्मदिन के दिन इकलौती बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। मां बार-बार बेहोश हो जा रही है। परिजनों ने शव को दफन कर दिया है।
अंशिका (4) पुत्री अनिल सरोज मेंहनगर थाने के सपनहर गांव की रहने वाली थी। शनिवार को उसका जन्मदिन था। अनिल के घर पर मिट्टी और ईंट की दीवार के सहारे कटरैन (करकट) रखा गया है। इसका बांस के सहारे लगाया गया बेस हट गया था। शनिवार सुबह अनिल इसे ठीक कर रही थी। अंशिका करकट के अंदर बैठी हुई थी। इस दौरान दीवार भरभराकर उसके उपर आ गिरी। वो मलबे की नीचे दब गई। सुबह 11 बजे दुर्घटना के बाद चीख सुनकर आसपास के लोग भी दौड़कर बालिका को निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन बिना पोस्टमार्टम शव को वापस लेते गए हैं। देर शाम शव को दफन कर दिया गया। अंशिका अपने मां-बाप की इकलौती बेटी थी। पिता अनिल दिल्ली के फल मंडी में काम करता है। लॉकडाउन के पहले से वो घर पर ही थी। मां सीमा का रो-रोकर बुरा हाल है।