शिक्षक दिवस पर स्व. पंचानन राय को श्रद्धांजलि देते शिक्षक। संवाद
शिक्षकों को परतंत्रता की जिंदगी से आजाद कराकर उन्हें शून्य से शिखर तक पहुंचाने में शिक्षक स्वर्गीय पंचानन राय के संघर्षों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके त्याग और संघर्षों के कारण आज भी हर शिक्षक की आत्मा में उनका नाम बसा हुआ है।
यह बातें उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश राय ने शनिवार को हरिऔध नगर में आयोजित पंचानन राय की 19वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में कहीं।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब प्रबंधकों द्वारा शिक्षकों का खुलेआम शोषण किया जाता था और शिक्षक अपने अधिकारों को लेकर असहज व असहाय महसूस करते थे। ऐसे कठिन दौर में पंचानन राय ने शिक्षकों में जागरूकता पैदा की और संघर्ष का रास्ता अपनाया। उनके नेतृत्व में किए गए आंदोलनों और संघर्षों के परिणामस्वरूप शिक्षकों को वे उपलब्धियां हासिल हुईं, जिनकी उस समय कल्पना करना भी कठिन था।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज ने शून्य से शिखर तक जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उनमें पंचानन राय के संघर्षों का महत्वपूर्ण योगदान है। शिक्षक हितों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले पंचानन राय का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। संघ के जिला मंत्री विजय कुमार सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।
इस दौरान इंद्रासन सिंह, मंडल अध्यक्ष कमलेश राय, प्रभाकर राय, अवधेश त्रिपाठी, ध्रुव मित्र शास्त्री, मन्नू यादव, परशुराम यादव, सर्वेश्वर पांडेय आदि मौजूद रहे। अंत में पंचानन राय की बेटी विनीता राय एवं अमिताभ सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।