शहर के चौक क्षेत्र से पूजा के लिए भगवान गणेश लक्ष्मी की मुर्ति की खरिदारी करते लोग।
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आजमगढ़। छोटी दीपावली पर भी बाजारों में भीड़ रही। चौक, पुरानी कोतवाली, सब्जी मंडी, पहाड़पुर, कोट, आराजीबाग, बदरका, हर्रा की की चुंगी, रैदोपुर, दलालघाट, सिधारी, हाईडिल, नरौली, मुकेरीगंज आदि मुहल्लों के बाजारों खरीदारों के चलते जाम लगा रहा। बुधवार को श्रीगणेश-लक्ष्मी और रंगोली व पूजन से संबंधित खरीदारी जमकर हुई।
मिट्टी के दीपों की खूब बिक्री हुई 60 से 70 रुपए सैकड़ा की दर से दीपों की बिक्री हुई। लोगों ने घरों को दीयों से सजाने के लिए जमकर इनकी खरीदारी किया। दीयों की बिक्री से कुम्हारों के चेहरे खिले रहे। वहीं मूर्ति विक्रेता रामानंद ने बताया कि जनपद में बुधवार की रात तक लगभग डेढ़ करोड़ तक का व्यवसाय हुआ है। बाजार में 60 रुपए से लगायत 11 हजार तक की मूर्तियां उपलब्ध रही। कारोबारी धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस बार 150 से लेकर 300 रुपये तक की मूर्तियां जमकर बिकी। 11 हजार की पांच मूर्तियां आई थी वह धनतेरस के दिन ही बिक गई। दीपावली के दोपहर तक बिक्री जारी रहेगी। इसके साथ ही दीपोत्सव पूजन में प्रयुक्त होने वाली और दुकानों के साथ घरों को सजाने में प्रयुक्त होने वाली मालाकी बिक्री भी खूब हुई। वहीं इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर की बात करें तो धनतेरस पर बहुत से लोगों ने खरीदारी के नाम पर सामानों पैसा जमा कर दिया था, बुधवार को दुकान पर पहुंचकर उन्होंने अपने सामान को ठेला, मैजिक आदि वाहनों के जरिए घरों तक ले जाते दिखे। कपड़ा व्यवसाय, आटो मोबाइल्स सहित अधिकतर बाजार बुधवार को भी गुलजार नजर आए। शहर के चौक से लेकर पहाड़पुर तक कहीं तिल रखने की भी जगह नहीं रही। प्रशासन लगातार जाम को हटाने के लिए जूझता रहा वहीं दुकानदारों की हो रही बिक्री से उनके चेहरे खिले नजर आए। इसके साथ ही सराफा कारोबार भी धनतेरस के दूसरे दिन भी चमकता रहा। बताया जाता है कि आभूषण आदि की बिक्री दीपावली के दिन भी जारी रहेगी।
पार्किंग के लिए परेशान रहे लोग
आजमगढ़। छोटी दीपावली के दिन खरीदारी के मद्देनजर बुधवार को प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मुख्य बाजार के चौराहों पर खड़े पुलिस कर्मियों ने लोगों के वाहनों को मुख्य बाजारों में घुसने से पहले ही रोक दिया जा रहा था। लोग पार्किंग के लिए परेशान नजर आए। किसी तरह गलियों में वाहन खड़ी कर पैदल ही बाजार की तरफ बढ़ते नजर आए। बता दें कि प्रशासन द्वारा आज तक शहर में कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। ऐसे पर्वों पर लोगों को पार्किंग की समस्याओं से जूझना पड़ता है।