गंभीरवन के एसकेपी मैदान में बिना सुरक्षा के मंत्री एके शर्मा की ओर से लगाए गए पौधे।
रानी की सराय। बीते रविवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जिले में 65 लाख पौधे लगाए गए थे। हरियाली लाने का दावा और पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया गया था। पौधरोपण अभियान के तीन दिन बार बुधवार को संवाद की टीम हकीकत जानने के लिए गंभीरवन के एसकेपी मैदान पहुंची। जिस स्थान पर नगर विकास व ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने पौधा लगाया था। वहां खंभे तो लगाए थे, लेकिन तार बंदी नहीं की गई थी। न ही ट्री गार्ड लगाया गया था। मंत्री का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद यहां कोई झांकने तक नहीं आया। पूजा सामग्री बिखरी है। पशु पौधों को चर रहे थे। पौधे की जड़ की सूखी मिट्टी इस बात की गवाही दे रही थी कि सिंचाई नहीं की गई है। जिले में वन विभाग सहित 27 विभागों ने पौधरोपण किया था।
नोडल अधिकारी, कमिश्नर और डीएम के लगाए गए पौधे सुरक्षित
जिले के नोडल अधिकारी नवीन कुमार जी एस की ओर से कोटवा उद्यान में लगाए गए सुरक्षित हैं। यहीं पर मंडलायुक्त विवेक, डीएम रविंद्र कुमार भी पौधे लगाए थे जो सुरक्षित हैं। इस उद्यान की देखरेख के लिए कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। इसकी वजह से ये सुरक्षित हैं।
बारिश नहीं हुई तो सूखने लगेंगे पौधे
रानी की सराय। बरसात का मौसम शुरू होने के बावजूद जिले में अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर दिया गया है। चिलचिलाती धूप और पर्याप्त नमी के अभाव में नवरोपित पौधों के सूखने का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं दिख रही है। ऐसे में यदि एक-दो दिनों के भीतर मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में पौधों के जीवित रहने पर संकट खड़ा हो सकता है।
ग्राम विकास विभाग 30 लाख, वन विभाग 19 लाख। इसके अलावा अन्य विभागों को छोटे-छोटे लक्ष्य दिए गए थे, जो पूर्ण हो गए हैं। वन की सुरक्षा के लिए विभाग ने अपने 10 से अधिक वाचर रखे हैं, अन्य विभागों को भी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जहां पौधे सुख जाएंगे, वहां लगा दिए जाएंगे। कुछ स्थानों पर लगे पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाए जाएंगे।- नवीन वर्मा, एसीएफ।