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वाहनों का बीमा कराने में बड़े स्तर पर किया जा रहा खेल

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आजमगढ़। वाहनों के बीमा (इंश्योरेंस) के नाम पर बड़े स्तर पर किए जा रहे खेल सामने आ रहे हैं। बीमा एजेंट से लेकर कर्मचारियों तक किसकी कहां तक मिलीभगत है ? ये तो जांच का विषय है लेकिन, खेल इतना शातिराना अंदाज में किया जा रहा है, जिससे संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) के अधिकारी भी सुनकर हैरान हैं। एआरटीओ के एम परिवहन एप’ पर बिना इंश्योरेंस कराए भी इंश्योरेंस प्रदर्शित हो रहा है। फर्जी बीमा का खेल यहीं नहीं रूक रहा बल्कि दो पहिया वाहनों के साथ-साथ ट्रक व बस जैसे बड़े वाहनों के बीमे भी किए जा रहे हैं। व्यावसायिक वाहन, ट्रक, बस आदि के इंश्योरेंस के नाम पर बीमा कंपनियां सीधे ही सरकार की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही हैं। बीमा के नाम हर महीने लाखों रुपये का गड़बड़झाला किया जा रहा है। एआरटीओ के बाहर एक कंप्यूटर संचालक ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि यह खेल लगभग सभी वाहनों में किया जा रहा है। सबसे अधिक यह खेल थर्ड पार्टी बीमा में किया जा रहा है। थर्ड पार्टी बीमा में करीब दस हजार रुपये लगते हैं लेकिन फर्जी बीमा में दो से तीन हजार रुपये ही काम हो जाता है। ऐसे में इन वाहनों से कहीं हादसा हो जाए और उसमें मृत्यु होष जाए तो पीड़ित परिवार के आश्रितों को इसका क्लेम भी नहीं मिल सकेगा।
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बिना इंश्योरेंस नहीं होते फिटनेस, ट्रांसफर क काम
आजमगढ़। आरटीओ में ट्रक, बस, पिकअप समेत अन्य चार पहिया वाहनों वाहनों की फिटनेस, ट्रांसफर आदि कराने के लिए वाहन स्वामी को गाड़ी का बीमा दिखाना अनिवार्य होता है। बिना इसके बाकी के काम नहीं हो सकते हैं। आनलाइन ‘एम परिवहन एप’ बिना इंश्योरेंस के फिटनेस आदि की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाता है। इसका तोड़ निकालते हुए एप पर बीमा भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
ऐसे किया जा रहा खेल
आजमगढ़। अब बीमा आनलाइन होता है। बीमा एजेंट बीमा कराकर अपलोड कर देते हैं, जिससे वो एम परिवहन एप पर प्रदर्शित होता है। मगर बीमा का चेक बाउंस कराकर या रुपये जमा न कराकर वो इंश्योरेंस कैंसिल हो जाता है। फिर उसी के स्थान पर किसी अन्य वाहन का बीमा कर दिया जाता है। इस मामले में एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. आरएन चौधरी ने बताया कि इंश्योरेंस न होने पर वाहनों की फिटनेस, ट्रांसफर समेत अन्य कोई काम नहीं होता है। इसलिए वाहनों का इंश्योरेंस कराना अनिवार्य होता है। बीमा में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि हो रहा तो यह गलत है। इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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