24 कड़ाके की ठंड में कोहरे के बीच साइकिल से जाते बच्चे। संवाद
- फोटो : रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री।
आजमगढ़। ठंड के कारण लोग बेहाल हैं। राज्य मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को घने कोहरे के कारण दृष्यता 50 मीटर से कम रही। दोपहर बाद धूप निकलने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन ठंड से कोई राहत नहीं मिली। सुबह 10 बजे तक कोहरा छाया रहा।
जिले में ठंड का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। इससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। ठंड के कारण लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सोमवार को जहां सुबह ही धूप निकल गई थी वहीं, मंगलवार को दोपहर बाद सूर्य निकला। अधिकतम तापमान तीन डिग्री बढ़कर 20 और न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 11 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, लेकिन ठंड से लोगों को राहत नहीं मिली। लोग गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकल रहे हैं। सुबह में 10 बजे तक सड़कों पर कम वाहन दिखे। जो वाहन थे भी वह घने कोहरे के कारण रेंगते नजर आए। राज्य मौसम विभाग लखनऊ के अनुसार मंगलवार को दृष्यता 50 मीटर से कम हो गई। ठंड से निजात पाने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
पांच घंटे देर से पहुंची कैफियत
मेजवां। घने कोहरे से ट्रेनों के परिचालन पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। इससे दिल्ली से आजमगढ़ के लिए चलने वाली कैफियत डाउन (12226) मंगलवार पांच घंटे देर से आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इसके परिणामस्वरूप आजमगढ़ से दिल्ली जाने वाली कैफियत अप (12225) भी अपने निर्धारित समय से दो घंटे लेट रवाना हुई। रेल सूत्रों के अनुसार कोहरे के चलते दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में ट्रेनों की गति धीमी कर दी है। चालक को आबादी वाले इलाकों में ट्रेन को विशेष सावधानी के साथ चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा घने कोहरे की वजह से कई ट्रेनों को अगले स्टेशनों पर घंटों रोकना पड़ा। रेल सलाहकार समिति के सदस्य शाह आलम कुरैशी ने बताया कि ट्रेन अधिक विलंब होने पर वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।