आजमगढ़। सरकार की ओर से सड़कों को गड्ढ़ामुक्त करने का निर्देश कई बार दिया गया लेकिन अभी जनपद में सड़कों की सेहत में कोई सुधार नहीं हो सका है। ग्रामीण इलाकों की बात दूर शहर क्षेत्र के कई मुख्य मार्ग आज आवागमन योग्य नहीं है। सड़कों केे गड्ढ़ामुक्त करने के जिम्मेदार कभी बजट न होने तो कभी एक दो दिन में काम शुरू कराने की बात कहते रहे। इस बीच लोकसभा उपचुनाव की आचार संहिता लग गई। आचार संहिता खत्म होने के बाद बारिश जारी रहेगी जिसके कारण सड़क का निर्माण नहीं हो सकता है। ऐसे में अब बरसात के बीतने का इंतजार करना होगा।
नगर क्षेत्र की सड़कें पीडब्ल्यूडी और नगरपालिका के अधीन हैं। नगर क्षेत्र के सारे मुख्य मार्ग पीडब्ल्यूडी के अधीन हैं जबकि उनसे निकलने वाले संपर्क मार्ग नगरपालिका के अधीन आते हैं। नगर पालिका की ओर से लोगों से कर वसूला जाता है। लेकिन सड़कों की मरम्मत के लिए उसके द्वारा कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। हालांकि पीडब्ल्यूडी द्वारा कुछ सड़कों के गड्ढ़ों केे भरा गया है लेकिन नगरपालिका ने अभी तक इसका कार्य ही शुरू नहीं किया है। जबकि उसके द्वारा जल्द ही सड़कों की मरम्मत कराने का दावा किया गया था। जिसका परिणाम है कि नगर के कोट किला चौराहे से लेकर हर्रा की चुंगी तिराहे तक मार्ग की हालत इतनी खराब है इस पर पैदल चलना भी दूभर है। हालांकि नगर पालिका द्वारा कोट चौराहे से टेढ़िया मस्जिद तक सड़क की मरम्मत कराई गई लेकिन उसके आगे के मार्ग पर गिट्टी और मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। आज भी इसके अगल बगल रहने वाले लोग धूल फांकने को विवश हैं।
वहीं पीडब्ल्यूडी द्वारा नगर के लाल डिग्गी बंधे से लेकर शिब्ली चौराहे तक गड्ढ़ों को भरा गया है लेकिन बीच जलकल आफिस के सामने सड़क की एक परत गायब होने से बने सैकड़ों गड्ढ़ों की मरम्मत करना भूल गया। सबसे बुरी हाल लाल डिग्गी बंधा से जामा मस्जिद तक है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता द्वारा हर बाद एक दो दिन में काम शुरू करने की बात कही जाती है। लेकिन वह एक दो दिन कब आएगा यह कोई नहीं जानता है। वहीं अब आचार संहिता का पेंच भी फंस गया है।
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नगर पालिका के ईओ मनोज कुमार ने बताया कि शहर क्षेत्र की ज्यादातर सड़कें पीडब्ल्यूडी के अधीन आती है। जो सड़कें हमारे अधीन हैं उनकी मरम्मत के लिए हमारे पास बजट नहीं है। वैसे भी अब आचार संहिता लग चुकी है। आचार संहिता हटने के बाद ही सड़कों की मरम्मत कराई जा सकेगी। निर्माण खंड दो के अधिशासी अभियंता आरके त्रिपाठी ने बताया कि पहले यह मार्ग निर्माण खंड-पांच के अधीन था। उन्होंने सड़कों की मरम्मत के लिए शासन से धन की डिमांड भेजी थी। उनका पैसा आया नहीं तभी यह सड़कें हमको स्थानांतरित कर दी गई। हमारी ओर से अभी बजट की डिमांड नहीं की गई है। डिमांड भेजकर जल्द पैसा मंगाकर निर्माण शुरू कराया जाएगा।