जिले की स्वास्थ्य सुविधा का सोमवार को जायजा लेने निकले जिलाधिकारी सुहास एलवाई का तेवर काफी तल्ख रहा। उन्होंने मरीज बनकर सीडीओ से डाक्टर को फोन कराया है, अनुपस्थित मिलने पर वेतन रोकने का निर्देश जारी किया। वहीं अनुपस्थित मिलने पर कई अन्य चिकित्सकों और कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया।
सोमवार को जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, एलोपैथिक अस्पताल और जिला होम्योपैथिक चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आयुर्वेदिक चिकित्सालय के उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया। इस दौरान डॉ. लतिका महिला चिकित्साधिकारी और कर्मचारी उमा देवी, मीरा वर्मा और सवीहन अनुपस्थित मिले। इस पर जिलाधिकारी ने उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी आयुर्वेद डॉ. अवनीश कुमार राय का वेतन रोकते हुए उन्होंने उन्हें स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 25 शैया वाला अस्पताल क्रियाशील नहीं है यहां मरीज भी नहीं आते है और कमरों में ताला लगा है। जिलाधिकारी ने एलोपैथिक अस्पताल के फार्मासिस्ट दुर्ग विजय सिंह को चुनाव कार्यालय से अटैच करने का निर्देश दिया। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने जिला होम्योपैथिक अस्पताल का निरीक्षण किया। होम्योपैथिक चांदपट्टी अस्पताल पर डा. सीताराम मिश्रा की तैनाती हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने उनके मोबाइल पर मरीज बनकर फोन किया। डा. मिश्रा ने कहा कि सिधारी पर प्राईवेट प्रैक्टिस करते हैं, आज या कल आकर दिखा लेने की बात कही। इस पर जिलाधिकारी ने डा. सीताराम मिश्रा का वेतन को रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डा. हवलदार प्रसाद पटेल को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि एक सप्ताह तक जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी इस बात का प्रमाण-पत्र प्रत्येक दिन देंगे कि सभी चिकित्सक और कर्मचारी अपनी-अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। तभी जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का माह अगस्त का वेतन दिया जाएगा।