आजमगढ़। उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर सरकार की सख्त मॉनिटरिंग का सकारात्मक असर अब साफ दिखाई देने लगा है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही समीक्षा प्रक्रिया और प्रशासनिक सक्रियता के चलते प्रदेश भर में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आई है।
राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस (राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली) की अप्रैल माह की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे प्रदेश में कुल 3,37,708 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें राजधानी लखनऊ 18,861 मामलों के साथ पहले स्थान पर रही, जबकि प्रयागराज (12,036 मामले) दूसरे और बाराबंकी (9,139 मामले) तीसरे स्थान पर रहे। इसी क्रम में आजमगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 8,483 मामलों का निस्तारण कर प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया।
यह उपलब्धि डीएम रविंद्र कुमार की सतत निगरानी, प्रभावी रणनीति और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता का परिणाम मानी जा रही है। डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि राजस्व मामलों के पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए नियमित समीक्षा बैठकें, अधिकारियों के फील्ड विजिट और “जनता दर्शन” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सीधे शिकायतों का समाधान किया जा रहा है।