सगड़ी। अजमतगढ़ विकास खंड के अंतर्गत आने वाली नौ ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवन जर्जर काफी जर्जर हो गए है। जिसके कारण ग्राम सभा की खुली बैठक नहीं हो पा रही है। खुली बैठक न होने से गांव का विकास भी प्रभावित हो रहा है। बता दें ब्लाक क्षेत्र के जर्जर पंचायत भवनों को चिह्नित करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। ब्लाक स्तरीय तीन सदस्यीय कमेटी में खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत व सहायक अभियंता शामिल थे। कमेटी ने जांच में कसड़ा आइमा, तरौका, अमुआरी नरायनपुर, सुखमद्दत नगर, मोहम्मदपुर, सोकहना खालसा, मिश्रपुर व सुरैना गांव में बने पंचायत भवन को जर्जर पाया था। जर्जर पंचायत भवन की रिपोर्ट 20 नबंबर 2021 को जिले पर उच्चधिकारियों को भेजा। जिसमें पुराने भवन को ध्वस्त कर नए भवन के निर्माण की बात कही गई।
गठित कमेटी द्वारा रिपोर्ट भेजे जाने के बाद भी जर्जर पंचायत भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही अब तक शुरू नहीं हो सकी है। जबकि सरकार का सख्त निर्देश है कि जर्जर पंचायत भवनों को ध्वस्त कर नया निर्माण कराया जाय। पर अधिकारियों की शिथिलता के कारण गांवों में जर्जर पड़े पंचायत भवनों के ध्वस्तीकरण व नए भवन के निर्माण का कार्य काफी धीमा है। जो जर्जर भवन हैं रिपोर्ट के बाद भी उसे ध्वस्त नही कराया जा रहा है। जिसके चलते ग्राम पंचायतों में होने वाली खुली बैठक नहीं हो पा रही है। प्रधान संघ के ब्लाकध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने कहा कि अधिकारियों की शिथिलता के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे है। एडीओ पंचायत राम आशीष सिंह ने बताया कि ब्लाक की त्रिस्तरीय कमेटी जांच कर जर्जर पंचायत भवनों को ध्वस्त करने की रिपोर्ट पिछले वर्ष नवंबर में ही भेज दी है। जिला से अभी तक कोई रिपोर्ट नही आई जिससे अब तक जर्जर पंचायत भवनों को नही गिराया गया।