आजमगढ़। सड़कों पर डग्गामार बसें दौड़ रही हैं। रोडवेज जैसी हूबहू दिखने वाली इन बसों से यात्री धोखा खा रहे हैं लेकिन परिवहन निगम के अधिकारी आंख मूंदे हुए हैं। अनुबंधित बसें भी नियमों की धज्जियां उड़ा रही है।
निगम की बस की पहचान उसके रंग और डिजाइन से होती है। यात्री रंग देखकर रोडवेज की बस में सवारी करते हैं। कुछ निजी बस संचालकों ने भी अपने वाहनों का रंग-रोगन हूबहू रोडवेज बसों जैसी करवा लिया है। यात्री रोडवेज की बस समझकर धोखे से उनमें से सवार हो जाते हैं। उन्हें हकीकत का भान तब होता है जब बस में मनमाना किराया वसूल किया जाने गता है। रास्ते में मनमाने तरीके से बस रोकी जाती है। डग्गामार वाहन संचालकों की इस हरकत से रोडवेज को नुकसान हो रहा है लेकिन निगम के अधिकारी इस ओर से उदासीन बने हुए हैं। अनुबंधित बसों के संचालक भी ऐसी ही हरकते कर रहे हैं। नियमानुसार निगम का अनुबंध समाप्त होने के बाद अनुबंधित बसों से रोडवेज की पहचान मिटा देनी चाहिए लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।
लगातार चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। जल्द ही इसे लेकर अभियान चलाया जाएगा। कोई गड़बड़ी मिलेगी तो कार्रवाई भी की जाएगी।-सतेंद्र यादव, एआरटीओ प्रशासन।