आजमगढ़। जनपद में 50 लाख से अधिक की कई परियोजनाएं अधूरी हैं। इन परियोजनाओं का कार्य आचार संहिता लगने के कारण पूरी तरह से ठप हो गया था। जिसमें अब तेजी आने की उम्मीद जगी है। वहीं करीब 17 ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अब प्रस्ताव स्वीकृत होने की संभावनाएं बढ़ गई है।
लोकसभा चुनाव से पूर्व एक जुनून के साथ परियोजनाओं को पूर्ण कराने के लिए शासन और प्रशासन जुटा हुआ था लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद सब बैकफुट पर चला गया। कई परियोजनाओं पर काम बंद है तो कुछ पर काम तो हो रहा है पर गिनती के मजदूर दिख रहे हैं। चाहे वह गोला-हाजीपुर पुल हो, पैरा मेडिकल काॅलेज, संभागीय परिवहन कार्यालय एवं सारथी भवन पर कार्य चल रहा है। आचार संहिता लगने के कारण बजट के अभाव में कई कार्य रुक गए थे। विभाग की माने तो वर्तमान समय में कुल 248 परियोजनाओं पर काम हो रहा था। जिसमें से 167 पर कार्य पूर्ण हो चुके और 81 परियोजनाएं लंबित हैं। अब आचार संहिता हटने के साथ ही जिले में परियोजनाएं रफ्तार पकड़ेगी।
संभागीय कार्यालय के लिए अभी और इंतजार
आजमगढ़। गंभीरवन में संभागीय परिवहन कार्यालय एवं सारथी हाॅल बनाया जा रहा है। परियोजना की स्वीकृति लागत 7.96 करोड़ रुपये है। शासन की ओर से बजट अवमुक्त कर दिए गए हैं लेकिन निर्माण पूरा नहीं हो सका। इतना ही नहीं निर्माण के गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। जिससे कार्यदायी संस्था ने अभी तब भवन हैंडओवर नहीं किए हैं।
गोला-हाजीपुर पुल का 60 प्रतिशत ही हुआ कार्य
लाटघाट। सगड़ी तहसील के उत्तर घाघरा नदी पर हाजीपुर गोला पुल निर्माण वर्ष 2017 से शुरू हुई थी। पुल के 25 पिलर बनाने हैं, जिसमें से अभी कई पिलर का फाउंडेशन नहीं बना है। अभी माना जाए तो 60 फीसदी काम हो गया है। गोला-हाजीपुर पुल लगभग 1250 मीटर लंबा पुल है। पुल से महुला गढ़वाल बांध तक का संपर्क मार्ग पीडब्ल्यूडी से बनना है। विभागीय लापरवाही के चलते अभी भी पुल बनने में दो से तीन वर्ष लगने की उम्मीद है।
भेजा गया प्रस्ताव नहीं मिली स्वीकृति
आजमगढ़। शहर के नरौली पुल के बगल में एक और नए पुल का निर्माण होना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा लेकिन आचार संहिता के कारण प्रस्ताव अभी तक शासन की स्वीकृति नहीं मिल सकी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द ही शासन से स्वीकृति मिल जाएगी। इससे यहां की जनता को काफी लाभ मिलेगा।
फोरलेन बनने से राह होगी आसान
आजमगढ़। जिले में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने जिले में कई फोरलेन बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। पीडब्ल्यूडी द्वारा नरौली से भंवरनाथ फोरलेन तक फोरलेन का निर्माण कराने का प्रस्ताव भेजा था। वहीं एनएचएआई द्वारा भंवरनाथ से बैठौली होते हुए सेमरहा फोरलेन तक फोरलेन मार्ग के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि स्वीकृति बहुत जल्द मिल जाएगी।
आदर्श आचार संहिता लगने से विकास कार्य ठप चल रहे थे। अब शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जिले में कई परियोजनाओं पर कार्य शुरु होंगे। हालांकि किन-किन परियोजनाओं पर कार्य होंगे इसका डाटा अभी तक नहीं मिला है। सर्वर डाउन होने के कारण जानकारी नहीं मिल पा रही है। लखनऊ से इसकी सूची मांगी जाएगी। - आरडी यादव, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी।