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Azamgarh News: अंबारी और मोलनापुर में कटी नहर, 250 बीघा फसल डूबी

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09 नहर कटने से खेत में जलभराव। संवाद - फोटो : ऊंचाहार ब्लॉक में मंगलवार को चस्पा पंचायत चुनाव की अंतिम सूची को देखते लोग।
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अंबारी/लालगंज। फूलपुर तहसील क्षेत्र के अंबारी और लालगंज तहसील मोलनापुर गांव के पास सोमवार को रात रजबाहा और नहर कटने से आसपास के खेतों में बोई गई करीब 250 बीघा से अधिक फसल पानी में डूब गई। सूचना पर नहर विभाग ने सुल्तानपुर जनपद से पानी डायवर्ट किया। तब तक किसानों की फसलें और बागवानी डूब गई। जिसे लेकर किसानों में आक्रोश है। अंबारी के ग्रामीणों को नहर कटने की जानकारी मंगलवार को सुबह लगभग चार बजे हुई, जब वे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। तब तक नहर का पानी खेतों से होते हुए अंबारी और आंधीपुर गांव की लगभग 150 बीघा से अधिक फसलों को बर्बाद कर चुका था। इसके साथ ही अंबारी गांव में स्थित लगभग 50 बीघा आम की बागवानी भी डूब गई। अंबारी आंधीपुर रोड पर स्थित गैस एजेंसी में भी पानी भर गया। किसान अपने खेतों पर पहुंचे, तो उन्हें नहर के किनारे गेहूं, सरसों, आलू आदि फसलों के खेत पानी से डूबे मिले।
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ग्रामीणों की सूचना पर नहर विभाग द्वारा सुल्तानपुर जनपद के मीरपुर से हाजीपुर रजबाहा में पानी डायवर्ट किया गया। लेकिन नहर की लंबाई अधिक होने के कारण रात 9 बजे से मंगलवार की सुबह 11 बजे तक खेतों में जाता रहा। विभाग द्वारा मंगलवार की सुबह से नहर की कटान को बांधने के लिए मजदूर खोजा जा रहा था। लेकिन दोपहर तक नहीं मिला। हालांकि, नहर अंबारी गांव में कटी थी लेकिन जल निकासी के लिए बने साइफन से पानी आंधीपुर गांव की सैकड़ों बीघा फसल को अपनी आगोश में ले लिया। ग्राम प्रधान अंबारी अमित कुमार जायसवाल नहर के पानी में डूबकर नष्ट होने वाली सैकड़ों बीघा फसलों का किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
वहीं लालगंज क्षेत्र के देवगांव कस्बा के पास से शारदा सहायक खंड 23 की नहर गई हुई है। इससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। मोलनापुर गांव के पास नहर में लगे कुलाबा के पास से पानी का रिसाव हो रहा था। इसकी सूचना सोमवार को किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिया। इसके बाद विभाग के कर्मचारी वहां पहुंचे। जिसका नतीजा रहा कि रात में नहर कट गई। नहर कटने से शिवकुमार चौहान, फौजदार चौहान, हरगोविंद, लालजी, राजेश, जोगिंदर, सुनीता, पन्नालाल, शोभनाथ चौहान, शंकरलाल चौहान, मोहनलाल, जवाहर, गंभीर चौहान सहित 50 से अधिक किसानों का 100 बीघा से अधिक गेहूं की फसल डूब गई।
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नहर का तटबंध टूटने से सैकड़ों बीघा फसलें डूब गई हैं। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फोन किया गया। लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। मेरे पूरे खानदान को लगभग 150 बीघा फसल और बागवानी डूब गई है। - इमरान, अंबारी।
जिस जगह पर नहर का तटबंध टूटा है, वह पहले से ही कमजोर था। सफाई के समय हम लोग बोले थे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते आज किसानों को समस्या हुई है। - हमजा, अंबारी।
नहर में सोमवार से ही रिसाव हो रहा था। सूचना पर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन मरम्मत करने की जरूरत नहीं समझी। जिससे किसानों की फसल डूबी है। - नंद किशोर, मोलनापुर।
लगभग 100 बीघा से अधिक फसल डूबी है। किसानों की पूरी लागत डूब गई है। यह सब विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से हुआ है। उन्होंने सही से नहर के तटंबध की मरम्मत नहीं कराई। - राम किशोर, मोलनापुर।
जहां नहर कटी वहां कुलाबा प्लाइंट है। किसान नहर तटबंध को काटकर पतला कर दिए थे, जिससे उस स्थान पर रिसाव हुआ और रात में नहर कट गई। तटबंध को सही करवा दिया गया है। अब पानी खेतों में नहीं जा रहा है। - संजय गुप्ता, अवर अभियंता सिंचाई विभाग।
- नहर कटने की सूचना मिली है। सुल्तानपुर जनपद के मीरपुर से तकिया रजबाहा में पानी डायवर्ट करा दिया गया है। लेकिन नहर लंबी होने के कारण पानी कम होने में समय लग रहा है। जहां पर नहर की पटरी कट गई थी, उस हिस्से को मजबूत किया जाएगा। - राजू राजभर, अवर अभियंता सिंचाई विभाग।
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