आजमगढ़। हरिहरपुर कजरी महोत्सव के पांचवें दिन शनिवार को डीएम रविंद्र कुमार, एसपी व एडीएम वित्त एवं राजस्व ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्रीगणेश वंदना व सरस्वती गीत से आरंभ हुआ कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। अधिकारी से लेकर आम दर्शक तक कलाकारों की प्रस्तुतियों पर मंत्रमुग्ध हो उठे।
इस अवसर पर डीएम रविंद्र कुमार ने हरिहरपुर घराने की संगीत परंपरा को विश्व पटल तक ले जाने की घोषणा की और अजय मिश्र के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए आगामी आजमगढ़ दिवस के अवसर पर आजमगढ़ महोत्सव आयोजित कराने के लिए शासन को पत्र भेजने की बात कही। वहीं एसपी ने हरिहरपुर घराना क्षेत्र में पुलिस चौकी को फिर संचालित कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में दिल्ली से आए इन्द्रेश मिश्र ने ख्याल बंदिश कजरी - रूम झूम रे बरसन लागी बदरिया... प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। अनुराग मिश्र ने राग मेघ, मल्हार व कजरी गीत - रे सावन झरी लागे रहे सांवरिया... सुनाकर वाहवाही लूटी। बिहार के शिवशंकर मिश्र ने राग मेघ मल्हार से महफिल में जान डाल दी। वाराणसी के संतोष मिश्र, अजीत मिश्र, अशोक विश्वकर्मा, विनीत तिवारी, सौरभ तिवारी सहित कई कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कजरी गीत सुनाया। इसके अलावा अंशिका कटारिया के कथक नृत्य, अमित परासर की बांसुरी जुगलबंदी, पंडित मोहनलाल मिश्र व समूह की सारंगी प्रस्तुति, खुशबू यादव, हिमांशु मिश्र, सीमा प्रजापति, ओमप्रकाश सांवरिया, ऋषिकेश मिश्र, संतलाल मिश्र, अमरजीत विश्वकर्मा और सार्थिका दास की प्रस्तुतियों ने महोत्सव को यादगार बना दिया। हरिहरपुर घराना संगीत संस्थान के अजय मिश्र सहित अन्य आयोजकों ने आभार जताया। संचालन अभय तिवारी ने किया।