आजमगढ़। नगर पालिका परिषद मुबारकपुर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए भेजी गई डीपीआर को शासन ने वापस कर दिया है। बजट में संशोधन कर फिर से भेजे जाने का निर्देश दिया है।
बुनकर बहुल्य क्षेत्र मुबारकपुर घना कस्बा है। इसका क्षेत्रफल पहले छोटा था लेकिन पांच वर्ष पूर्व इसमें सठियांव ब्लॅाक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत अमिलो को भी जोड़ दिया गया, जिससे इसका क्षेत्रफल काफी बढ़ गया है। नगर पालिका मुबारकपुर में कुल 25 वार्ड हैं। प्रतिदिन लाखों लीटर सीवेज निकलता है। 55 वर्ष पूर्व बनी इस नगर पालिका में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण अब तक नहीं हुआ है। कस्बे की आबादी डेढ़ लाख से अधिक है। एसटीपी का निर्माण न होने के कारण प्रतिदिन नालों के माध्यम से लाखों लीटर सीवेज निकलकर तमसा नदी में जाता है। नगर पालिका से निकलने वाले सीवेज को शोधित कर तमसा नदी में गिराने के लिए शासन के निर्देश पर जल निगम नगरीय ने 80 किमी सीवर लाइन बिछाने, 12 एमएलडी की एसटीपी का निर्माण कराने, सीवर लाइन से 20321 घरों के नालियों को जोड़ने और दो नालों को टैप करने के लिए 142 करोड़ का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर मंजूरी के लिए शासन को भेजा था। शासन से डीपीआर को मंजूरी नहीं मिली। जल निगम को डीपीआर वापस आ गई है। बजट में संशोधन कर फिर से डीपीआर भेजे जाने का निर्देश दिया गया है।
नगर पालिका परिषद मुबारकपुर में 12 एमएलडी की एसटीपी बनाने और सीवर लाइन बिछाने के लिए शासन को 142 करोड़ की डीपीआर भेजी गई थी। डीपीआर वापस आ गई है। अब बजट में संशोधन कर फिर से डीपीआर शासन को भेजी जाएगी।
जियाउल हक, अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय।