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Azamgarh News: दसमड़ा में निकला अलम और ताबूत का जुलूस, भोर में करबला पहुंचकर हुआ समापन

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दसमड़ा में निकले जुलूस में शामिल लोग। संवाद
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फूलपुर तहसील क्षेत्र के दसमड़ा गांव में बुधवार रात अलम, दुलदुल घोड़ा और इमाम हसन के ताबूत के साथ जुलूस निकाला गया। ताबूत निकलते समय माहौल गमगीन हो गया और लोग भावुक हो उठे।
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कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन पाक की तिलावत से हुई। जुलूस का समापन दूसरे दिन भोर में करीब पांच बजे करबला पहुंचकर किया गया।मजलिस से पूर्व शायर जफर आजमी, शमीम, दिलनवाज, वसी उल हसन गुड्डू और कासिफ फराज समेत अन्य शायरों ने कलाम पेश कर नजराने अकीदत पेश किया।
शोजख्वानी मोहम्मद सादिक सद्दू, नजर आजमी और शमीम आजमी ने संयुक्त रूप से की। तकरीर के दौरान मौलाना वसी हसन खां फैजाबादी, मौलाना शान आलम, मौलाना शुजा अब्बास रिजवी और मौलाना आबिद आगा खां ने मजलिस को खिताब किया।
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इमाम हसन पर हुए जुल्म का वाक्या सुनाए जाने पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। नौहा और मातम के क्रम में अंजुमन काजमिया जलालपुर, अंजुमन रौनके अजा बाराबंकी, अंजुमन कौसरिया जौनपुर, अंजुमन जीनातुल अजा सुल्तानपुर और अंजुमन सज्जदिया जौनपुर ने मखसूस अंदाज में नौहे पेश किए। प्रसिद्ध नौहाख्वां हैदर अली शिराजी ने भी नौहा पेश कर करबला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश किया।
जुलूस कार्यक्रम स्थल से निकलकर इमामबाड़ा होते हुए करबला पहुंचा। वहां आखिरी मजलिस पढ़ी गई, जिसके बाद जुलूस का समापन हुआ। संयोजक सैय्यद मोहम्मद हाशिम और कुमेल मेहदी ने सभी मेहमानों का आभार जताया। संचालन आकिब ने किया।
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