बलरामपुर। मंडलीय जिला चिकित्सालय बलरामपुर के परिसर में 1.13 करोड़ की लागत से निर्मित 42 बेड का वार्ड, जिसमें 12 बेड की आईसीयू और 30 बेड के दो सामान्य वार्ड शामिल हैं। लेकिन पिछले 16 महीने से मरीजों का इंतजार कर रहा है। नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने 28 दिसंबर 2023 को यह वार्ड अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया था, लेकिन तकनीकी कमियों के चलते इसे अब तक शुरू नहीं किया जा सका।
नए वार्ड में 12 बेड की अत्याधुनिक आईसीयू और 15-15 बेड के दो सामान्य वार्ड बनाए गए हैं, जो अस्पताल की मुख्य इमारत के दक्षिण में स्थित हैं। यह सुविधा गंभीर मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती थी, लेकिन पावर कनेक्शन में पतले तारों और नक्शे के विपरीत निर्माण जैसी खामियों के कारण वार्ड उपयोग के लिए तैयार नहीं है। पिछले 16 माह में अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक के पद पर डॉ. एलजे यादव, डॉ. आमोद कुमार, डॉ. बालचंद्र, और डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा कार्यरत रहे।
वर्तमान कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि वार्ड निर्माण पूरा होने के बावजूद कमियों के साथ हैंडओवर किया गया। पावर कनेक्शन और अन्य तकनीकी खामियों की जानकारी निर्माण कंपनी को दी जा चुकी है। कमियां दूर होते ही वार्ड शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों में इस देरी को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सुविधा का लाभ न मिलना अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।