फरिहां। निजामाबाद थाना क्षेत्र के चकिया हुसैनाबाद गांव में सोमवार को हुई चाकूबाजी की घटना में चार आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। तीन अब भी फरार हैं। वहीं, गांव में तनाव को देखते हुए काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है।
मृतक के घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। ग्रामीणों के अनुसार गांव निवासी मो. आरिफ उर्फ मुन्ना की फरिहा बाजार में टूर एंड ट्रेवेल्स की दुकान थी। जहां से फर्जी रेलवे का टिकट बना कर बेचने की शिकायत पर फरिहां चौकी प्रभारी रत्नेेश कुमार ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इस मुकदमें में आरिफ के साथ ही उसका पुत्र वासिफ भी नामजद किया गया था। वासिफ गांव पर ही रहता था। गांव निवासी मृतक असमर लखनऊ रहता था और आए दिन उसे फेसबुक व मोबाइल आदि के माध्यम से आरिफ व उसके पुत्रों द्वारा धमकी दी जाती रहती थी। असमर ने इस धमकी के बाद 21 सितंबर को एसपी को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेज कर जानमाल की रक्षा का गुहार भी लगाया था। इसके बाद भी सोमवार को दिन में असमर अपने दो मित्रों मुशीर व काजिम के साथ बाइक से गांव में चक्रमण कर रहा था। इसी दौरान आरिफ का पुत्र वासिफ अपने साथियों के साथ तीनों को रोक कर चाकू से हमला कर दिया। चाकूबाजी की इस घटना में असमर व काजिम की जहां सोमवार की शाम ही मौत हो गई तो वहीं मुशीर वाराणसी में भर्ती है और जीवन मौत से संघर्ष कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस असमर के पत्र को संज्ञान में लिया होता तो शायद यह घटना नहीं हुई होती। मंगलवार को भी गांव में तनाव की स्थिति देखने को मिली। वहीं भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान गांव में तैनात रहे।