सठियांव। दी किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव ने गन्ना ढुलाई के टेंडर को कैंसिल कर दिया है। इसे लेकर पहले से ही तरह-तरह के कयास लगाएं जा रहे थे। प्रबंध तंत्र और संचालक मंडल के अनुसार मिल संघ के गाइडलाइन के हिसाब से नए लोगों को मौका देने के उद्देश्य से फैक्ट्री हित में ऐसा किया गया है। वहीं, विपक्ष कुछ और कारण बता रहा है।
चीनी मिल सठियांव में अगले पराई सत्र वर्ष 2020-21 को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत पिछले महीने गन्ना ढुलाई का टेंडर होना था। ऐन वक्त पर फेडरेशन का हवाला देकर इसे कैंसिल कर दिया गया। मुख्य गन्ना अधिकारी डा. वीके सिंह ने बताया कि मिल संघ की गाइडलाइन के हिसाब से ऐसा हुआ है। वहीं, विपक्ष सवाल उठा रहा है कि क्या इसके पहले निकाला गया टेंडर फेडरेशन की गाइडलाइन के अनुरूप था। नहीं तो इसका दोषी कौन है? कार्रवाई क्या हुई? गौरतलब है कि इसके पूर्व विपक्ष के कई आरोपों की जांच में मिल के कई अधिकारी और कर्मचारी पर गाज गिर चुकी है। मिल के डायरेक्टर कौशल कुमार सिंह के अनुसार सठियांव मिल प्रदेश की बड़ी चीनी मिलों में से एक है। यहां कई जनपद से गन्ना ढुलाई होती है। इस लिहाज से फैक्ट्री हित में ऐसा निर्णय लिया गया है।