आजमगढ़। दशहरे में पंडालों में रोशनी के लिए पूजा समितियों को अस्थयी कनेक्शन लेना होगा। विद्युत सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखकर ही पंडाल बनाना होगा जिससे मेले में किसी प्रकार की अनहोनी न हो।
22 नवंबर से नवरात्र शुरू होगा। दो अक्टूबर को दशहरा है। नवरात्र में शहर के सिधारी, नरौली, दलालघाट, कटरा, पुरानी सब्जी मंडी, मुकेरीगंज, हरबंशपुर आदि स्थानों से लेकर ग्रामीण बाजारों में पूजा समितियों को मां दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की जाती है। हर जगहों पर भव्य पंडाल बनाए जाते हैं। इसके अलावा पंडाल के सामने रोड पर लाइटिंग भी की जाती है। एक, दो दिन में पंडाल बनाने का काम भी शुरू हो जाएगा। इसे देखते हुए बिजली विभाग भी सतर्क हो चुका है।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दशहरे के मद्देनजर शहर और ग्रामीण बाजारों में लाइनों को सही कराने का काम शुरू कर दिया गया है। पहले पंडालों के निर्माण में बांस-बल्ली का प्रयोग होता था लेकिन अब अधिकांश जगहों पर टेंट के एंगल का प्रयोग हो रहा है। इससे हमेशा खतरे की स्थिति बनी रहती है।
करंट लगने का डर रहता है। पूजा समितियों को लाइन से हटकर पंडाल बनाने, सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए विभाग गाइड लाइन जारी करेगा, साथ ही पूजा समितियों को पंडाल को जगमग करने के लिए विद्युत विभाग से अस्थायी कनेक्शन लेना होगा। सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा विपिन यादव ने बताया कि दशहरा पर्व पर विद्युत सुरक्षा को लेकर विभाग एक, दो दिन में गाइड लाइन जारी करेगा। गाइड लाइन को ध्यान में रखकर पूजा समितियों को पंडाल बनाना है ताकि कोई अनहोनी न हो।
दशहरे के मद्देनजर लाइनों को सही कराया जा रहा है। पंडालों में दो, चार दिन के लिए अस्थयी कनेक्शन दिया जाता है। पूजा समितियों के पदाधिकारी एसडीओ या एक्सईएन कार्यालय में अस्थयी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। मनोज श्रीवास्तव, एसडीओ नगर।