साथी अधिवक्ता के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वकीलों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। विगत दो सप्ताह से उपजिलाधिकारी न्यायालय के सामने धरने पर बैठे अधिवक्ता संघर्ष समिति ने शुक्रवार को जुलूस निकाल तहसील कार्यालय में तालाबंद जड़ दिया। चेतावनी दिया कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती धरना चलता रहेगा। इस दौरान गेट पर तालाबंद होने से वादकारियों का कामकाज प्रभावित हुआ।
बता दें लगभग दो हफ्ते पहले अधिवक्ता मुन्नी लाल यादव की हत्या हो गई थी। हत्या में शामिल आरोपियों को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। इससे नाराज अधिवक्ता संघर्ष समिति कई दिनों से उपजिलाधिकारी न्यायालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाल कर तहसील परिसर में चक्रमण किया।
पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारा लगाते हुए राजस्व निरीक्षक कार्यालय, सुरक्षित पत्रालय, तहसीलदार न्यायालय, अपर तहसीलदार न्यायालय, उपनिबंधक कार्यालय और उपजिलाधिकारी न्यायालय पहुंचकर ताला जड़ दिया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामनारायन यादव ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस मूक दर्शक बनी हुई है।
संचालन रमाशंकर यादव ने की। धरने में लेखपाल संघ, अमीन संघ, वसीका नवीस संघ के लोग भी शामिल हुए। इस मौके पर पीसी लाल, बिजेंद्र कुमार, समरजीत यादव, रमेश चंद्र शुक्ला, इकबाल, ओमप्रकाश, विजय कुमार, सुशील कुमार, यतींद्र सिंह आदि रहे। दूसरी आेर समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा की बैठक शुक्रवार को दीवानी न्यायालय परिसर में हुई। इसमें अधिवक्ता मुन्नी लाल यादव के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर रोष व्यक्त कि गया। इस मौके पर राजबहादुर, कमला मौर्य, विजय प्रताप यादव, अनिल, इंद्रजीत यादव, अयूब खां, आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता रमापति सिंह यादव और संचालन रामजीत यादव ने की।