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Azamgarh News: 1,640 गर्भवती महिलाओं में हाई रिस्क प्रेगनेंसी के लक्षण मिले

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आजमगढ़। जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के तहत चल रहे पंजीकरण अभियान में एक माह में 22,189 गर्भवती महिलाओं ने स्वास्थ्य केंद्रों पर पंजीकरण कराया है। जांच के दौरान इनमें से 1,640 महिलाओं में हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) के लक्षण पाए गए हैं। यह स्वास्थ्य तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एचआरपी वाली महिलाओं को विशेष निगरानी और देखभाल की जरूरत होती है। इसके लिए जिले में चिह्नित स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां एचआरपी मामलों की निगरानी और फॉलोअप सबसे कमजोर पाया गया। इन केंद्रों पर न तो नियमित जांचें हो रही हैं और न ही उचित परामर्श दिया जा रहा है।
सीएमओ कार्यालय के मुताबिक, पंजीकृत सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित रूप से हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, वजन, शुगर और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचें कराई जा रही हैं, ताकि जटिलताओं का समय पर पता चल सके। एचआरपी की पहचान के बाद संबंधित महिलाओं को जिला महिला अस्पताल या उच्च स्तरीय स्वास्थ्य इकाइयों में रेफर किया जाता है।
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10 ब्लाकों ने गर्भवती महिलाओं की निगरानी में बरती लापरवाही
आजमगढ़। जिले में कुल 23 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों को हाई रिस्क प्रेगनेंसी से ग्रसित महिलाओं की निगरानी करनी थी। इनमें से 10 ब्लाॅकों ने लापरवाही बरती। इसके कारण इन केंद्रों को रेड श्रेणी में रखा गया है। इसमें मुहम्मदपुर, कोयलसा, जहानागंज, अजमतगढ़, तहबरपुर, अतरौलिया, मिर्जापुर, लालगंज, पल्हनी और महराजगंज में शामिल हैं।
जिन स्वास्थ्य केंद्रों ने एचआरपी मामलों में लापरवाही दिखाई है, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही, हाई रिस्क प्रेगनेंसी से पीड़ित महिलाओं की विशेष निगरानी के लिए मासिक समीक्षा बैठकें और मेडिकल कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। डाॅ. अशोक कुमार, सीएमओ।
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