साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सीबीआई और एंटी करप्शन अधिकारी बनकर रिटायर्ड पुलिस निरीक्षक से 35 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो शातिर साइबर अपराधियों को गुजरात के भावनगर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सरवैया कौशिक और भगीरथ सिंह जाला के रूप में हुई है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि 23 फरवरी 2025 को एक रिटायर्ड पुलिस निरीक्षक ने साइबर थाने में तहरीर दी थी कि अज्ञात व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें डरा-धमकाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया और कई बार में कुल 35 लाख रुपये उनके खाते से ट्रांसफर करवा लिए।
शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। एसएसपी हेमराज मीन के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक विभा पांडेय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद यादव की अगुवाई में एक टीम गठित कर गुजरात भेजा गया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को भावनगर, गुजरात से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सरवैया कौशिक, निवासी मफतनगर, भावनगर, गुजरात। और भगीरथ सिंह जाला निवासी पटेलनगर, चित्रा, भावनगर, गुजरात शामिल है।
इस प्रकार करते थे अपराध
एसपी चिराग जैन ने बताया कि पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे साइबर अपराधियों के संपर्क में थे और फर्जी अधिकारियों के रूप में पहचान बनाकर लोगों से ठगी करते थे। वे पीड़ितों से पैसे फर्जी खातों में जमा कराते और फिर एटीएम व चेक के जरिए राशि निकालकर उसे अंगडिया (पैसा भेजने की पारंपरिक पद्धति) के जरिए आगे भेज देते थे। इसके बदले में उन्हें मोटा कमीशन मिलता था।
बरतें सावधान
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें।
- ओटीपी, पासवर्ड या व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें।
- अजनबी नंबर से आई कॉल्स पर सतर्क रहें।
- डिजिटल अरेस्ट जैसी किसी कॉल से डरें नहीं — ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
- संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें।